Computer Software क्या हैं? इसे विस्तार से जानिए?

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What is Software? Know Software in Details in Hindi?


COMPUTER SOFTWARE
COMPUTER SOFTWARE
कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर सिस्टम का एक हिस्सा है जिसमें डेटा या कंप्यूटर निर्देश शामिल होते हैं। कंप्यूटर के हार्डवेयर को संचालित करने के लिए विभिन्न प्रकार के निर्देशों के सेट अर्थात् कंप्यूटर प्रोग्राम्स का उपयोग होता है, जिसे हम सॉफ्टवेयर कहते है।  


हिस्ट्री ऑफ़ सॉफ्टवेयर 

Ada Lovelace ने 19 century में दुनिया का first software लिखा था. यह सॉफ्टवेयर Charles Babbage के Analytical engine के लिए प्रकाशित किया गया था. एडा को first computer programmer के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि उन्होंने यह साबित किया था कि यह इंजन Bernoulli Numbers की गणना कैसे करेगा. Software का सिद्धांत सर्वप्रथम 1935 में Alan Turing ने अपने निबंध “Computable Numbers, with an Application to the Entscheidungsproblem” में लिखा था. हालांकि सॉफ्टवेयर शब्द का निर्माण John Tukey ने किया था, जो एक mathematician और statistician थे।

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर क्या हैं ?

सॉफ्टवेयर, निर्देशों तथा प्रोग्राम्स का वह समूह है जो कम्प्यूटर को किसी कार्य विशेष को पूरा करने का निर्देश देता हैं. यह यूजर को कम्प्यूटर पर काम करने की क्षमता प्रदान करता हैं. सॉफ्टवेयर के बिना कम्प्यूटर हार्डवेयर का एक निर्जीव बक्सा मात्र हैं. सॉफ्टवेयर को आप अपनी आंखों से नही देख सकते हैं. और ना ही इसे हाथ से छूआ जा सकता हैं. क्योंकि इसका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं होता हैं।

यह एक आभासी वस्तु हैं जिसे केवल समझा जा सकता हैं. यदि आपके कम्प्युटर में सॉफ्टवेयर नहीं होगा तो आपका कम्प्युटर मृत प्राणी के समान होगा. जो केवल लौह और अन्य धातुओं से बना एक बक्सा मात्र रह जाएगा. सोचिए,अगर आपके कम्प्यूटर में ब्राउजर प्रोग्राम नही होता तो आप इस लेख को नही पढ़ सकते थे।
इसी बात से आप सॉफ्टवेयर का महत्व का अंदाजा लगा सकते है. इसके अलावा एमएस ऑफिस, फॉटोशॉप, अडोब रीडर, व्हाट्स अप्प्स आदि सभी विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर है, जो आपको कम्प्यूटर पर अलग-अलग कार्य करने के योग्य बनाते है. सॉफ्टवेयर आपके कम्प्यूटर में जान फूँकता हैं. उसे काम करने के योग्य बनाता हैं. और सॉफ्टवेयर की मदद से ही आप कम्प्यूटर से अपना मन पसंद कार्य करवा पाते हैं।

सिस्टम सॉफ्टवेयर के प्रकार 

सॉफ्टवेयर 3 प्रकार के होते हैं:-

1.  System Software
2.  Application Software
3.  Utility Software

System Software:- सिस्टम सॉफ्टवेयर प्रोग्रामो का वह समूह है, जो कि कम्प्युटर के भोतिक भागों ओर सॉफ्टवेयर को नियंत्रित करता है। यह उपयोगकर्ता और कम्प्युटर हार्डवेयर के बीच संबंध बनाता है। सिस्टम सॉफ्टवेयर अन्य सभी सॉफ्टवेयर का निष्पादन करता हैै। यह एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को भी नियंत्रित करता है बिना सिस्टम सॉफ्टवेयर के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का Use नही किया जा सकता है, इसलिए इसे एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का आधार भी कहा जाता है। Android और Windows सिस्टम सॉफ्टवेयर के प्रमुख उदाहरण हैं, इसके अलावा सिस्टम सॉफ्टवेयर में कई प्रोग्राम शामिल होते हैं, जैसे-Operating System, Utility Program, Programming Languages, Language Translator Etc.

Operating System:- ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऐसा कम्प्यूटर प्रोग्राम होता है जो अन्य कम्प्यूटर प्रोग्रामों का संचालन करता है. ऑपरेटिंग सिस्टम यूजर तथा कम्प्यूटर के बीच मध्यस्थ का कार्य करता है. यह हमारे निर्देशो को कम्प्यूटर को समझाता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम के कुछ लोकप्रिय नाम जिनके बारे में आपने जरुर सुना होगा:-

  1. Windows OS
  2. Mac OS
  3. Linux
  4. UBUNTU
  5. Android


 Device Drivers:- Driver एक विशेष प्रोग्राम होता है जो इनपुट और आउटपुट उपकरणों को कम्प्यूटर से जोड़ता है ताकि ये कम्प्यूटर से संचार कर सके. जैसे Audio Drivers, Graphic Drivers, Motherboard Drivers आदि. एक Hardware device को computer से connect करने के लिए एक खास प्रकार के software program की जरूरत होती है, जिसे हम Device driver कहते है. यह डिवाइस ड्राइवर operating system के साथ काम करता है. उदाहरण के लिए जब keyboard को कंप्यूटर से connecte करते है, तो वह कार्य कर पाए इसके लिए कंप्यूटर में पहले से ही एक keyboard driver मौजूद होता है।
  1. USB drivers
  2. Printer drivers
  3. Motherboard driver
  4. Network adapter drivers
  5. ROM drivers
  6. VGA drivers
Language Translator:- यह सॉफ्टवेयर programming language में लिखे code या instructions को machine language में translate करते है, ताकि computer इसे समझ कर process कर सके. सभी प्रकार के software को अलग-अलग प्रकार की programming language में लिखा जाता है, परन्तु कंप्यूटर सिर्फ machine language ही समझ पाता है. इसीलिये इसका अनुवाद करने के लिए language translator का उपयोग होता है।
  1. Compiler
  2. Interpreter
  3. Assemblers
Language Translator

Application Software:- एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को एंड यूज़र का सॉफ्टवेयर भी कहते हैं। एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर प्रोग्रामो का वह समूह होता है, जो किसी विशेष ओर निश्चित काम को करने के लिए बनाया गया हो।कार्य के आधार पर इनका निर्माण किसी भी लैंग्वेज में किया जा सकता है। रोजगार के सभी क्षेत्रों में एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर  का Use करके बेहतरीन तरीके से काम किया जा सकता है। ये प्रोग्राम Computer को विशिष्ट काम करने की शक्ति देते हैं, जैसे – वर्ड प्रोसेसिंग (Word Star, M. S. Word, Word Perfect, Soft Word,) Inventory Control, Presentation Tools, Database Management System, Spreadsheet Etc.

Basic Application:- बेसिक एप्लीकेशन को सामान्य उद्देशीय सॉफ़्टवेयर (General Purpose Software) भी कहा जाता है. यह सामान्य इस्तेमाल के सॉफ़्टवेयर होते है. इनका उपयोग हम रोजमर्रा के कार्यों के लिए करते है. किसी भी कम्प्यूटर उपयोक्ता को कम्प्यूटर पर कार्य करने के लिए बेसिक एप्लीकेशन का इस्तेमाल तो आना ही चाहिए. नीचे कुछ General Purpose Software के नाम दिए जा रहे हैं-

  1. Word Processing Programs
  2. Multimedia Programs
  3. DTP Programs
  4. Spreadsheet Programs
  5. Presentation Programs
  6. Graphics Application
  7. Web Design Application

Specialized Application:- Specialized Application को विशेष उद्देशीय सॉफ़्टवेयर (Special Purpose Software) भी कहा जाता हैं. इन सॉफ़्टवेयर को किसी खास उद्देश्य के लिए बनाया जाता है. इनका इस्तेमाल भी किसी कार्य विशेष को करने के लिए होता है. नीचे कुछ विशेष उद्देश्य के लिए बनाये गए प्रोग्राम्स के नाम दिए जा रहे हैं।
  1. Accounting Software
  2. Billing Software
  3. Report Card Generator
  4. Reservation System
  5. Payroll Management System

Utility Software:- यूटिलिटी सॉफ्टवेयर वह होते हैं, जो Computer System ओर Softwares की मरम्मत के लिए बनाए जाते हैं। यह सॉफ्टवेयर Programmes में एडिटिंग करने ओर उनकी गलतियों को दूर करने आदि काम में आते हैं। Utility Program को सर्वर (Server) प्रोग्राम भी कहते हैं। इन सॉफ्टवेयर की मदद से हम समय -समय पर Computer की मेमोरी को अधिक गतिशील बना सकते हैं। इनमें कई सॉफ्टवेयर शामिल होते हैं, जैसे कि -File Management Tool, Disk Management Tool, Virus Scanner, Antivirus Programme Etc.

सॉफ्टवेयर कैसे बनाते हैं?

कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर बनाना थोडा-सा कठिन कार्य हैं. क्योंकि इस कार्य को करने के लिए आपके पास जरूरी Programming Languages की अच्छी जानकारी और बहुत सारा धैर्य होना जरूरी हैं. तभी आप एक पेशेवर सॉफ़्टवेयर डवलपर बन सकते हैं. सॉफ्टवेयर बनाने के लिए दर्जनों प्रोग्रामिंग भाषाओं का विकास किया गया हैं. जिनके द्वारा आप अलग-अलग जरुरत के लिए सॉफ्टवेयर बना सकते हैं. आप सभी भाषाओं के विशेषज्ञ तो नही बन सकते हैं. असंभव नही हैं. आप सीख सकते हैं. मगर शुरुआत के लिए आप Java, C, C++ बुनियादि भाषाओं को सीखकर कर सकते हैं. और Computer Coding में अपना हाथ आजमा सकते हैं।

सॉफ्टवेयर की आवश्यकता

  1. Computer चालू करने के लिए।
  2. पत्र टाइप करने के लिए।
  3. चार्ट का निर्माण करने के लिए।
  4. Presentation बनाने के लिए।
  5. Data को manage करने के लिए।
  6. Internet का प्रयोग करने के लिए।

सॉफ्टवेयर के घटक 

सॉफ्टवेयर को दो भागो में वर्गीकृत किया जाता है: अर्थात् सिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर। यह कम्प्यूटर प्रणाली के हार्डवेयर घटकों को नियंत्रित करने, एकीकृत करने और मैनैजिंग के लिए जिम्मेदार होते है और विशिष्ट कार्य निष्पादन के लिए जिम्मेदार होते है।

सॉफ्टवेयर की उपयोगिता 

इनके द्वारा ही कंप्यूटर सिस्टम के अलग-अलग हार्डवेयर घटकों को नियंत्रित, एकीकृत और प्रबंधित करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। अर्थात् सिस्टम सॉफ्टवेयर का मुख्य कार्य हार्डवेयर घटकों को मैनेज एवं नियंत्रित करना ताकि एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर अपना काम ठीक तरह से कर सके। एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर को उपयोगकर्ता प्रोग्राम भी कहा जाता है।इनके द्वारा ही कंप्यूटर सिस्टम के अलग-अलग हार्डवेयर घटकों को नियंत्रित, एकीकृत और प्रबंधित करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। अर्थात् सिस्टम सॉफ्टवेयर का मुख्य कार्य हार्डवेयर घटकों को मैनेज एवं नियंत्रित करना ताकि एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर अपना काम ठीक तरह से कर सके। एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर को उपयोगकर्ता प्रोग्राम भी कहा जाता है।

सॉफ्टवेयर का क्या काम है?

सॉफ्टवेयर क्या कर सकता है? यह इस बात पर निर्भर करता है, कि आप किस प्रकार का software उपयोग कर रहे है तथा उस सॉफ्टवेयर को किस उद्देश्य से बनाया गया है. उदाहरण के लिये hardware पर stored files को manage करने के लिए operating system का उपयोग किया जाता है, जो एक प्रकार का system software है. संख्याओं की गणना के लिए calculator का उपयोग किया जाता है, यह एक application software है।

इसके अलावा Windows, Linux, Android, iOS इत्यादि सभी operating system एक प्रकार के software है जो हमारे computer का संचालन करते है. आपके smartphone में उपयोग होने वाले application भी इसी श्रेणी में आते है. जो भी कार्य आप अपने कंप्यूटर या मोबाइल द्वारा कर पा रहे है, वो सब software की मदद से ही संभव है।
मनोरंजन और स्वास्थ्य सेवा से लेकर शिक्षा और बिक्री तक, दुनिया के किसी भी उद्योग का काम सॉफ्टवेयर की मदद से किया जाता है. यदि आप अपने smartphone में whatsapp या facebook उपयोग करना चाहते है, तो पहले आपको उसका software download करना होगा. तो कुल मिलाकर software का क्या काम है, यह इस बात पर निर्भर है कि उसे किस उद्देश्य से बनाया गया है।


Software और Hardware में अंतर

Hardware:- हार्डवेयर एक device है, जो computer के साथ भौतिक रूप में जुड़ा हुआ होता है. जिसे हमारे द्वारा देखा व छुवा जा सकता हो. उदाहरण के लिए Mouse यह कंप्यूटर से सीधे तौर पर जुड़ा होता है. इसके अलावा computer के वह सभी पार्ट जो भौतिक रूप से जुड़े है, जैसे Monitor, CPU, Keyboard, Printer, RAM, Hard drive, Motherboard इत्यादि सभी hardware कहलाते है. इसे हम कंप्यूटर की body या शरीर भी कह सकते है. इसके बिना कंप्यूटर कार्य नही कर सकता है।

Software:- सॉफ्टवेयर शब्द का उपयोग एक computer program को परिभाषित करने के लिए किया जाता है. उदाहरण के लिए आप जिस internet browser पर इस पेज को देख रहे है वो एक software है, जो अपने program की वजह से कार्य कर पा रहा है. सॉफ्टवेयर सिस्टम के दो प्रमुख भाग होते है: System software व Application software. सिस्टम सॉफ्टवेयर का कार्य हार्डवेयर को निर्देश देना होता है, वही एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कुछ विशेष कार्य के लिए develop किये जाते है. सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर दोनों ही एक दूसरे के लिए कार्य करते है और इनके बिना कंप्यूटर या अन्य device का कोई अस्तित्व नही है. जिस तरह मनुष्यों के पास कार्य करने के लिए शरीर और सोचने के लिए दिमाग है. उसी तरह कंप्यूटर के पास hardware और softwares है।

सॉफ्टवेयर के लाभ 

 Corrects application error:- एप्लीकेशन एरर या बग फिक्स सॉफ्टवेयर अपडेट से ठीक हो जाती है। बहुत बार देखा जाता है कि ऑपरेटिंग सिस्टम के किसी खास फीचर में परेशानी होती है यानि एप्लीकेशन एरर आती है, ऐसे में सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी अपडेट के जरिए फोन की या उस एप्लीकेशन की फंक्शनैलिटी को दुरूस्त कर देती है।

UI ie user interface is better:- सॉफ्टवेयर निर्माता समय-समय पर अपडेट देते हैं इससे कंपनियों की कोशिश रहती है कि यूजर इंटरफेस और बेहतर बनाया जा सकें। यूजर्स को ऑपरेटिंग सिस्टम या एप के इस्तेमाल के दौरान जहां परेशानी आ रही होती है उसे दूर करके आसान बनाने की ओर सॉफ्टवेयर कंपनी निर्माता का ध्यान रहता है।

Phone or application utility increases:- आपके फोन में जब भी सॉफ्टवेयर अपडेट मैसेज आता है और वह मैसेज मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम या अन्य सॉफ्टवेयर में अपडेट करने के लिए होता है तो इससे फोन में नए-नए फीचर जुड़ जाते हैं और फोन या एप्लीकेशन की उपयोगिता दुगनी हो जाती है। सॉफ्टवेयर अपडेट होने से फोन में कॉलिंग, मैसेजिंग और इंटरनेट के साथ-साथ वॉयस सर्च, मैप और हाइ रेजोल्यूशन गेम के साथ और भी बहुत तरीके के नए फीचर का प्रयोग किया जा सकता है। इतना ही नहीं, बिग स्क्रीन और बड़े कैमरा का प्रयोग भी ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट होने से ही हो पाता है। एंड्रायड, आइओएस और विंडोज में जल्द ही नए अपडेट होने वाले हैं तब और नए फीचर आपको देखने को मिलेंगे।

Application or operating system speeds up:-सॉफ्टवेयर अपडेट से एक फायदा यह भी होता है कि ऑपरेटिंग सिस्टम या एप्लीकेशन तेज हो जाता है। इससे यूजर्स कम टाइम में बहुत सरलता से काम कर पाते हैं। इतना ही नहीं, सॉफ्टवेयर को नए हार्डवेयर और ऑपरेटिंग के अनुकूल किया जा सकता है,इससे फायदा यह होता है कि अगर भविष्य में सिस्टम के हार्डवेयर या फोन में किसी भी तरह का चेंज होगा तो भी सॉफ्टवेयर रन कर सकेगा।

Phone system gets protection:- आपके फोन का सिस्टम कब बैठ जाएं या उसमें क्या खराबी आ जाएं कुछ कहां नहीं जा सकता,लेकिन सॉफ्टवेयर अपडेट से सिस्टम को सुरक्षा मिलती है। दरअसल जब सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल होता है तो सुरक्षा से जुड़ी बहुत सी खामियां उसमें मिलती है, इन्हें अपडेट के जरिए आसानी से दूर किया जा सकता है और फोन के सिस्टम को सुरक्षित बनाया जा सकता है।

सॉफ्टवेयर के हानिया

चूँकि इसमें कोई भी requirement नहीं होती है इसे एक commercial product बनाने के लिए जिससे की money generate हो सके, इसलिए open source software ज्यादा develop करती हैं अपने हिसाब से न की users के requirements के हिसाब से। 

इनमें अक्सर support न के बराबर होता है. जिससे यदि कोई problem हो जाती है तब आपको इनके forum और community के ऊपर ही निर्भर करना पड़ता है उस problem का solution पाने के लिए. जो की थोडा irritating हो सकता है। वैसे तो ये open source software अपने आप में mostly free होते हैं, लेकिन इनमें कुछ indirect costs भी involved होती हैं, जैसे की आपको external support के लिए pay करना पड़ सकता है । 
चूँकि Open Source Software ज्यादा user friendly नहीं होते हैं इसलिए इन्हें ठीक तरीके से समझने और इस्तमाल करने के लिए आपके पास भी थोडा बहुत technical ज्ञान होना आवश्यक है. अन्यथा आपको basic functionalities के लिए भी दूसरों के ऊपर निर्भर रहना पपड़ सकता है।

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