Keyboard क्या हैं? Keyboard के बारें में विस्तार से जानिए?

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What is Keyboard ? Know Keyboard in Details in Hindi?

 
KEYBOARD

KEYBOARD
Keyboard का हिंदी में मतलब कुंजीपटल होता है। Keyboard का मुख्य उपयोग Text लिखने के लिए किया जाता है। कम्प्यूटर कीबोर्ड पर इसके सभी बटन उकेरे रहते है। जिन्हे दबाने पर वहीं अक्षर, चिन्ह और संख्या टाइप होती हो जाती है जो उस बटन पर उकेरी गई है। जैसे एक कीबोर्ड बटन पर अंग्रेजी अक्षर “A” उकेरा हुआ है।

हिस्ट्री ऑफ़ Keyboard 

Christopher Latham Sholes
1868 में, क्रिस्टोफर लैथम शॉल्स (Christopher Latham Sholes) जो एक अमेरिकी आविष्कारक थे, जिन्होंने QWERTY कीबोर्ड का आविष्कार किया था। जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ी, QWERTY कीबोर्ड ने कई प्रकार के आकार ग्रहण किए।
आधुनिक कीबोर्ड का आविष्कार टाइपराइटरों के साथ शुरू हुआ और टाइपराइटर को धीरे-धीरे एक कंप्यूटर कीबोर्ड में तब्दील कर दिया गया, जिससे आप परिचित हैं। 
पहले के टाइपराइटर में, सभी अक्षर एक सीधी रेखा में यानी A, B, C, D… के क्रम में होते थे। इस तरह के टाइपराइटर में टाइपिंग करते समय कई गलतियाँ होती थीं और बटन दबाने में कठिनाई भी होती थी।
उस टाइपराइटर में बैकस्पेस बटन भी नहीं होता था, आप सोच सकते हैं कि उस समय इसका इस्तेमाल करना कितना मुश्किल होगा। 
क्रिस्टोफर लैथम शॉल्स इन सभी समस्याओं को दूर करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने सभी कीज़ को नए तरीके से व्यवस्थित किया। कीबोर्ड के इस नए रूप को QWERTY कीबोर्ड कहा जाता है।
इस कीबोर्ड का उपयोग करना बहुत आसान था क्योंकि QWERTY कीबोर्ड में टाइपिंग की स्पीड बढ़ गई और गलतियां कम होने लगीं थी और आज हम इसी कीबोर्ड का उपयोग करते हैं और यह दुनिया भर में लोकप्रिय है।
सामान्य तौर पर, कीबोर्ड के दो मॉडल उपलब्ध हैं – सामान्य मॉडल (Standard Model) जिसमें 83 या 84 कीज़ होती हैं और विकसित मॉडल (Enhanced Model) जिसमें 104 से अधिक कीज़ होते हैं। ये मॉडल आजकल बहुत लोकप्रिय हैं।

Keyboard का आविष्कार कब हुआ था?

कीबोर्ड का आविष्कार 1868 में क्रिस्टोफर लैथम शॉल्स ने किया था। उन्हें ‘टाइपराइटर के पिता‘ (Father of the Typewriter) और ‘QWERTY कीबोर्ड के आविष्कारक‘ (Inventor of the QWERTY Keyboard) के रूप में जाना जाता है।

Keyboard का आविष्कार किसने किया?

कीबोर्ड का आविष्कार क्रिस्टोफर लैथम शॉल्स ने किया था। उन्होंने QWERTY लेआउट का आविष्कार इसलिये किया क्योंकि टाइपराइटर कीज़ जाम हो रही थीं, वह इस समस्या को ठीक करना चाहते थे।
और जहाँ तक संभव हो, टाइपिंग को तेज और आसान बनाना चाहते थे। इसके अलावा, टाइपराइटर ने QWERTY लेआउट पेश किया, जिसका उपयोग आज भी लगभग सभी अमेरिकी कीबोर्ड पर किया जाता है।

Keyboard की संरचना

कीबोर्ड की संरचना (Keyboard Layout) को विभिन्न देशों की भाषाओं (Languages) के आधार पर अलग-अलग प्रकार का होता है, जिसमें कीज़ को अलग-अलग क्रम में व्यवस्थित किया जाता है। 
आजकल कई कीबोर्ड लेआउट मार्किट में उपलब्ध हैं, जैसे QWERTY, AZERTY, Dvorak आदि। लेकिन इन सभी की तुलना में, ‘QWERTY’ का सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। आज मैं इन्ही कीबोर्ड लेआउट के प्रकारों के बारे में विस्तार से बताने जा रहा हूं।
ये सभी कीबोर्ड लेआउट को दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता हैं:-
  1. QWERTY Keyboard Layout
  2. Non-QWERTY Keyboard Layout

QWERTY कीबोर्ड लेआउट

QWERTY:- QWERTY कीबोर्ड लेआउट दुनिया भर में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला कीबोर्ड लेआउट है, इस कीबोर्ड का नाम QWERTY इस लिए रखा गया था क्योंकि इसके पहले 6 अक्षर Q, W, E, R, T और Y होते हैं, जिसे आप अल्फाबेट्स की पहली लाइन में देख सकते हैं।
QWERTY कीबोर्ड पहली बार 1868 में बनाया गया था। स्टैण्डर्ड यूएस क्वर्टी कीबोर्ड में 101, 104 या 107 कीज़ होते हैं। QWERTY लेआउट दुनिया भर में अपनाए गए अब तक के सबसे लोकप्रिय कीबोर्ड लेआउट पैटर्न है। 
इसका उपयोग लगभग सभी देशों में किया जाता है। यहां तक कि QWERTY कीबोर्ड हर मोबाइल और टैबलेट में डिफ़ॉल्ट इंस्टॉल रहता है।
QWERTZ:- QWERTZ कीबोर्ड एक टाइपराइटर और कीबोर्ड लेआउट है जिसका व्यापक रूप से मध्य यूरोप में उपयोग किया जाता है। इस कीबोर्ड के पहले छह अक्षरों में Q, W, E, R, T और Z होता है। 
जर्मनी एक पश्चिमी यूरोपीय देश है, जहां की जर्मन भाषा में, “Z” अक्षर का “Y” अक्षर की तुलना में अधिक बार उपयोग किया जाता है। 
जिससे यह कीबोर्ड लेआउट वहां अधिक उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, “T” और “Z” जर्मन ऑर्थोग्राफी के अनुसार एक-दूसरे के बगल में उपयोग किए जाते हैं, जिससे इस कीबोर्ड लेआउट से टाइप करना बहुत आसान हो जाता है।
AZERTY:- AZERTY कीबोर्ड लेआउट QWERTY कीबोर्ड लेआउट का फ्रेंच वर्शन है। इस कीबोर्ड में, QWERTY कीबोर्ड के “Q” और “W” कीज़ को “A” और “Z” से बदल दिया गया है। 
AZERTY कीबोर्ड, जिसे स्टैण्डर्ड फ्रेंच कीबोर्ड के रूप में भी जाना जाता है, एक लोकप्रिय यूरोपीय कीबोर्ड लेआउट (European Keyboard Layout) है। यह फ्रांस में विकसित किया गया था और ज्यादातर फ्रांसीसी लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है।
QZERTY:- QZERTY कीबोर्ड लेआउट QWERTY कीबोर्ड लेआउट का इतालियन वर्शन है। इस कीबोर्ड में, QWERTY कीबोर्ड की “W” बटन को “Z” से बदल दिया गया है। 
इतालियन टाइपराइटर अक्सर QZERTY लेआउट का उपयोग करते हैं। स्विटजरलैंड के इतालियन बोलने वाले लोग भी QWERTZ कीबोर्ड का ही उपयोग करते हैं।

नॉन- QWERTY कीबोर्ड लेआउट

Dvorak:- Dvorak कीबोर्ड लेआउट को स्पीड में टाइप करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह 1930 में एक अमेरिकी मनोवैज्ञानिक और वाशिंगटन के सिएटल विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर, ऑगस्ट ड्वोरक (August Dvorak) द्वारा डिजाइन किया गया था।
QWERTY कीबोर्ड लेआउट के विपरीत, ड्वोरक कीबोर्ड लेआउट को उंगली की मूवमेंट को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, जिसके द्वारा जल्दी जल्दी टाइपिंग होता है। 
इस कीबोर्ड लेआउट में बीच लाइन में सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाले अक्षरों को शामिल किया गया है। उदाहरण के लिए, “E” अक्षर आमतौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला अक्षर है, तो इसे केंद्र में रखा गया है।
आप QWERTY कीबोर्ड लेआउट की तुलना में ड्वोरक कीबोर्ड लेआउट से तेज़ी से डेटा इनपुट कर सकते हैं, और इसका उपयोग करना भी बहुत आसान होता है और यह आपकी उंगलियों के लिए भी आरामदायक होता है। 
ड्वोरक कीबोर्ड लेआउट ज्यादातर वैज्ञानिक अनुसंधान (Scientific Research) में उपयोग किया जाता है क्योंकि इससे टाइपिंग करने की स्पीड बहुत तेज हो जाती है।
Colemak:- Colemak लैटिन-लिपि वर्णमाला का एक कीबोर्ड लेआउट है, जिसे 2006 में शाई कोलमैन (Shai Coleman) ने बनाया था। इस लेआउट को टाइपिंग को अधिक कुशल और आरामदायक बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
यह QWERTY और Dvorak लेआउट का एक आधुनिक विकल्प है, जिसे एर्गोनोमिक टाइपिंग (Ergonomic Typing) करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Colemak अब QWERTY और Dvorak के बाद अंग्रेजी में टाइपिंग के लिए 3 सबसे लोकप्रिय कीबोर्ड लेआउट में से एक है और मैक और लिनक्स पर पहले से इंस्टॉल आता है। 
100,000 से अधिक लोग इस कीबोर्ड लेआउट (Keyboard Layout) का उपयोग कर रहे हैं।
Workman:- Workman लेआउट एक नॉन QWERTY कीबोर्ड लेआउट है, वर्कमैन कीबोर्ड लेआउट विशेष रूप से सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया था। 
वर्कमैन लेआउट हाथ और उंगली के बीच के खिंचाव को कम करता है। जिसे अधिक टाइपिंग (Typing) करने के बाद भी हाथों और उंगलियों में दर्द कम होता है।

Keyboard का परिचय 

हम स्कूल, कॉलेज, कार्यालय और घर में प्रतिदिन कीबोर्ड का उपयोग करते हैं, फिर भी आप में से बहुत से ऐसे होंगे जिन्हें कीबोर्ड की पूरी जानकारी नहीं है। आज की पोस्ट में, हम विस्तार से जानेंगे कि कीबोर्ड क्या हैं।  
कीबोर्ड (Keyboard) कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण इनपुट डिवाइस (Input Device) है। इसकी सहायता से, हम कंप्यूटर में इनपुट (Input) के रूप में टेक्स्ट (Text) और न्यूमेरिक (Numeric) डेटा दर्ज करते हैं। 
यह टाइपराइटर (Typewriter) के समान होता है। क्योंकि कीबोर्ड के सभी अक्षर एक टाइपराइटर के समान क्रम में होते हैं, लेकिन इसमें टाइपराइटर की तुलना में अधिक बटन होते हैं।
इसमें शब्दों, संख्याएँ और विभिन्न प्रकार के प्रतीकों को कीज़ (Keys) दबाकर टाइप किया जा सकता है। कीबोर्ड को कंप्यूटर (Computer) से जोड़ने के लिए एक विशेष पोर्ट (Port) बनाया जाता है, जिसे PS/2 पोर्ट कहा जाता है, लेकिन आजकल USB कीबोर्ड (USB Keyboard) आते हैं।
जिन्हें कंप्यूटर के USB पोर्ट में प्लग किया जाता है। और वायरलेस कीबोर्ड (Wireless Keyboard) भी आते हैं जिन्हें सिस्टम से कनेक्ट करने की आवश्यकता नहीं होती है। 
वर्ड प्रोसेसिंग (Word Processing) और स्प्रेडशीट (Spreadsheet) सॉफ्टवेयर में कीबोर्ड के उपयोग की आवश्यकता होती है। कीबोर्ड की मदद से कंप्यूटर को आवश्यक निर्देश भी दिए जा सकते हैं।
माउस (Mouse) खराब होने पर भी कीबोर्ड को माउस की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। हम अपने पर्सनल कंप्यूटर (Personal Computer) के साथ 104 बटन वाले ‘QWERTY‘ कीबोर्ड का उपयोग करते है।
माइक्रोसॉफ्ट विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ उपयोग किए जाने वाले कीबोर्ड में कुछ विशेष बटन भी होते हैं। कीबोर्ड कंप्यूटर सीपीयू कैबिनेट के पीछे USB (Universal Serial Bus) और PS/2 (Personal System/2) पोर्ट के माध्यम से मदरबोर्ड से जुड़ा हुआ होता है।
जैसा कि हमने ऊपर पढ़ा, कीबोर्ड एक महत्वपूर्ण इनपुट डिवाइस है। जिसका उपयोग अक्षरों, संख्याओं और विभिन्न प्रकार के प्रतीकों को कंप्यूटर में डालने के लिए किया जाता है। 
इसके अलावा, कंप्यूटर को संचालित करने के लिए उपयोगकर्ता, कीबोर्ड और माउस जैसे इनपुट डिवाइस (Input Device) का उपयोग करता है।
कंप्यूटर में उपयोग किया जाने वाला कीबोर्ड (Keyboard) एक टाइपराइटर (Typewriter) के समान दिखता है। कीबोर्ड के दाईं ओर एक नंबर कीपैड (Number Keypad) होता है। 
दस ‘कीज़’ वाले कैलकुलेटर (Calculator) की तरह, इस नंबर कीपैड की ‘कीज़’ व्यवस्थित होती है, जो उपयोगकर्ता (User) को तेज़ी से नंबर दर्ज करने में मदद करता है।
कंप्यूटर में हम जिस कीबोर्ड का उपयोग करते हैं, उसे QWERTY कीबोर्ड कहा जाता है। कीबोर्ड का नाम QWERTY होने का कारण कीबोर्ड पर संख्याओं (Numbers) वाली लाइन के नीचे बाईं ओर की वर्णमाला (Alphabets) लाइन की शुरुआत के छह अक्षरों को लिया जाता है। इसलिए इसे यूनिवर्सल कीबोर्ड (Universal Keyboard) के नाम से भी जाना जाता है।

Keyboard का फुल फॉर्म 

  1. K – Keys
  2. E – Electronic
  3. Y – Yet
  4. B – Board
  5. O – Operating
  6. A – A to Z
  7. R – Response
  8. D – Directly

Keyboard क्या हैं?

कीबोर्ड को टाइपराइटर जैसी कीज़ (Keys) के एक सेट के रूप में परिभाषित किया गया है जो आपको कंप्यूटर में इनपुट डेटा दर्ज करने में सक्षम बनाता है। कीबोर्ड इलेक्ट्रिक-टाइपराइटर के समान होते हैं लेकिन इसमें अतिरिक्त टाइपिंग कीज़ होती हैं। 
यह एक इनपुट डिवाइस है। कीबोर्ड का मतलब हिंदी में “कुंजीपटल” होता है। इसकी मदद से, हम कंप्यूटर को इनपुट देते हैं। कीबोर्ड का उपयोग टेक्स्ट और न्यूमेरिक डेटा दर्ज करने के लिए किया जाता है।
Keyboard कंप्यूटर का एक इनपुट डिवाइस होता है जिसमे कई प्रकार बटन होते हैं। जिससे हम कंप्यूटर में डाटा को डालते हैं और इसे निर्देश देते हैं। इसमें बटन दिखने में बिलकुल टाइपराइटर की तरह ही होते हैं लेकिन फंक्शन बहुत ज्यादा होते हैं।
कंप्यूटर में बहुत सारे डिवाइस कनेक्ट किये जाते हैं जो बहुत जरुरी होते हैं जैसे इनपुट डिवाइस और आउटपुट डिवाइस।
कीबोर्ड कंप्यूटर का एक इनपुट डिवाइस है जो कहा जाये तो एक बहुत ही इम्पोर्टेन्ट डिवाइस है। क्यों की जिस तरह इंसान के हाथ पैर के बिना इंसान विकलांग हो जाता है।
उसी तरह अगर कंप्यूटर से इस को हटा दिया जाये तो कंप्यूटर भी विकलांग हो जायेगा यानि मेरे कहने का मतलब है की कंप्यूटर का प्रयोग ही नहीं हो सकता, कीबोर्ड के बिना कंप्यूटर चलेगा ही नहीं। इस को हिंदी में कुंजीपटल कहा जाता है।
इसका इस्तेमाल मुख्यत कंप्यूटर में alphabets, numbers, commands और अलग अलग डाटा एंटर करने के लिए होता है।
ये कंप्यूटर से डायरेक्ट कम्यूनिकेट करने का माध्यम होता है. हमारे एंटर किये हुए डाटा को ये CPU प्रोसेस कर के फिर आउटपुट डिवाइस जैसे मॉनिटर और प्रिंटर के द्वारा हमे रिजल्ट शो कर देता है।
कीबोर्ड भी माउस की तरह एक इनपुट डिवाइस होने के साथ बहुत सारे अलग अलग काम कर सकते हैं। माउस क्या है और कैसे काम करता है ये आपको मालूम होगा। लेकिन क्या आपको मालूम है की आप बिना माउस के भी बहुत सारे काम सिर्फ इस से ही कर सकते हैं।

Keyboard के प्रकार

हमारे उपयोग के अनुसार, कीबोर्ड कितने प्रकार के होते हैं और वे कैसे काम करते हैं। हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताएंगे।
आज बाजार में कई तरह के कीबोर्ड (Keyboard) उपलब्ध हैं। इन सभी कीबोर्ड की अलग-अलग विशेषताएं (Features) होती हैं। सभी विभिन्न प्रकार के कीबोर्ड क्या हैं? (Keyboard Kya Hai) और वे कैसे काम करते हैं, नीचे विस्तार से वर्णित किया गया है।
Membrane Keyboard:- मेम्ब्रेन कीबोर्ड एक ऐसा कीबोर्ड होता है, जिसमें कीज़ (Keys) अलग नहीं होती हैं, यह एक पारदर्शी, प्लास्टिक के आवरण से ढकी होती हैं, और इनमें बहुत कम गति होती है। 
मेम्ब्रेन कीबोर्ड का लाभ यह है कि यह रबड़ जैसी मेम्ब्रेन (Membrane) से ढका होता है जो इसे गंदगी से बचाता है और ये कीबोर्ड सस्ते होते हैं, लेकिन इस कीबोर्ड में जल्दी से टाइप करना मुश्किल होता है।
Mechanical Keyboard:- मैकेनिकल कीबोर्ड एक उच्च गुणवत्ता वाला कीबोर्ड होता है, मैकेनिकल कीबोर्ड में कीज़ (Keys) के नीचे एक स्प्रिंग (Spring) होता है। इस कीबोर्ड की कीज़ बहुत सॉफ्ट होती हैं। 
और जब हम इस कीबोर्ड पर टाइप कर रहे होते हैं, तो यह एक टाइपराइटर की तरह आवाज़ निकलता है। यह कीबोर्ड मुख्य रूप से गेम खेलने वाले लोगों द्वारा पसंद किया जाता है। क्योंकि यह कीबोर्ड बहुत टिकाऊ (Durable) है और बहुत आरामदायक (Comfortable) होता है।
Ergonomic Keyboard:- एर्गोनोमिक कीबोर्ड एक विशेष प्रकार का कीबोर्ड होता है, जो उपयोगकर्ता और उनके काम को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जो उपयोगकर्ता को अन्य कीबोर्ड की तुलना में उपयोग करने में अधिक आराम देता है और साथ ही कलाई की मांसपेशियों के तनाव और हाथ से संबंधित अन्य समस्याओं को कम करता है।
यह कीबोर्ड उपयोगकर्ता की कार्यक्षमता को बढ़ाता है, जो उपयोगकर्ता के काम करने की गति को बढ़ा देता है और साथ ही साथ लगातार टाइपिंग के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं को भी कम करता है। 
एर्गोनोमिक कीबोर्ड अंग्रेजी वर्णमाला “V” के आकार का होता है, जो उपयोगकर्ता की टाइपिंग गति भी बढ़ाता है। एर्गोनोमिक कीबोर्ड बाजार में कई आकारों में उपलब्ध है और ये कीबोर्ड बहुत महंगे होते हैं।
Gaming Keyboard:- गेमिंग कीबोर्ड को गेमिंग के शौकीनों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है कि ताकि उन्हें गेम खेलने में आसानी हों। इस कीबोर्ड का डिज़ाइन बहुत ही आकर्षक होता है। इस कीबोर्ड में गेम को आसानी से खेलने के लिए कुछ स्पेशल कीज़ (Special Keys) दी जाती हैं।
हम गेमिंग करते समय ‘W‘, ‘A‘, ‘S‘, ‘D‘, एरो कीज़ (Arrow Keys) और स्पेस (Space) का उपयोग करते हैं। एक गेमिंग कीबोर्ड में, इन कीज़ को हाइलाइट किया जाता है।
और इनमे बैकलिट कीज़ (Backlit Keys), मल्टीमीडिया कीज़ (Multimedia Keys), एंटी घोस्ट कीज़ (Anti Ghost Keys), डब्ल्यू लॉक कीज़ (W. Lock Keys), पोलिंग रेट (Polling Rate), डबल इंजेक्शन (Double Injection) और वायरलेस कनेक्टिविटी (Wireless Connectivity) जैसे एक्स्ट्रा फीचर्स होते हैं।
बैकलिट कीज़ के साथ आप अंधेरे या कम रौशनी में गेम खेल सकते हैं, जबकि मल्टीमीडिया कीज़ की मदद से आप स्क्रीन की ब्राइटनेस, साउंड आदि को बिना गेम को डिस्टर्ब किए कंट्रोल कर सकते हैं। 
गेमिंग कीबोर्ड की बिल्ड क्वालिटी (Build Quality) बहुत अच्छी होती है और और ये साधारण कीबोर्ड की तुलना में बहुत अधिक महंगे (Expensive) होते हैं।
Wireless Keyboard:- वायरलेस कीबोर्ड एक प्लग-एंड-प्ले (Plug and Play) कीबोर्ड होता है जो उपयोगकर्ता को तार (Wire) के झंझट से राहत देता है क्योंकि इसमें कोई तार या केबल नहीं होता है। यह रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF), इन्फ्रारेड (IR) या ब्लूटूथ तकनीक की मदद से कंप्यूटर से संचार करता है।
आजकल बाजार में वायरलेस माउस (Wireless Mouse) के साथ वायरलेस कीबोर्ड (Wireless Keyboard) मिलना आम बात है। इस कीबोर्ड की खासियत यह है कि आप अपने कंप्यूटर से 30 फीट (9 मीटर) दूर बैठकर भी कंप्यूटर को इनपुट दे सकते हैं।
वायरलेस कीबोर्ड बैटरी (Battery) द्वारा संचालित होता है और इसमें एक सिग्नल-रिसीवर (Signal Receiver) होता है जो कंप्यूटर को कमांड भेजता है। यह आकार में छोटा और वजन में हल्का होता है। 
यह वायरलेस कीबोर्ड (Wireless Keyboard) थोड़ा महंगा है और इसे कंप्यूटर से जोड़ने में थोड़ी तकनीकी जटिलता होती है। इसी तकनीकी जटिलता के कारण, इसका अधिक उपयोग नहीं किया जाता है।
Multimedia Keyboard:- मल्टीमीडिया कीबोर्ड सबसे लोकप्रिय कीबोर्ड प्रकारों में से एक है। मल्टीमीडिया कीबोर्ड आमतौर पर उपयोगकर्ताओं द्वारा अक्सर उपयोग किए जाने वाले प्रोग्राम को लॉन्च करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
कुछ मल्टीमीडिया कीबोर्ड में ईमेल, मल्टीमीडिया प्लेयर, इंटरनेट ब्राउज़र और सर्च प्रोग्राम खोलने की भी सुविधा होती है। कुछ मल्टीमीडिया कीबोर्ड में वेब ब्राउज़र में आगे और पीछे जाने, वॉल्यूम बढ़ाने या घटाने और मल्टीमीडिया फाइल्स में एक फ़ाइल से दूसरी फ़ाइल को खोलने की कार्यक्षमता होती है।
संगीत को पसंद करने वाले लोग सबसे ज्यादा इसे पसंद करते हैं। क्योंकि यह मुख्य रूप से मल्टीमीडिया को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किया जाता है। इस कीबोर्ड में सभी महत्वपूर्ण मल्टीमीडिया कीज़ होती हैं। 
जैसे कि प्ले, पॉज, स्टॉप, नेक्स्ट, प्रीवियस, वॉल्यूम अप, वॉल्यूम डाउन, म्यूट आदि बटन होते है, जिसकी मदद से हम मल्टीमीडिया फंक्शन का आसानी से उपयोग कर सकते हैं और साथ ही आप वीडियो प्लेबैक (Video Playback) को भी नियंत्रित कर सकते हैं।

Laptop Keyboard:- लैपटॉप में उपयोग किए जाने वाले कीबोर्ड को लैपटॉप कीबोर्ड कहा जाता है, यह एक QWERTY कीबोर्ड होता है। इस कीबोर्ड का लेआउट थोड़ा अलग होता है। 
क्योंकि इन्हें लैपटॉप के आकार के अनुसार डिज़ाइन किया जाता है। अधिकांश लैपटॉप को छोटा दिखाने के लिए दाईं ओर के नुमेरिक कीपैड (Numeric keypad) को हटा दिया जाता है।
यदि आप डेस्कटॉप कीबोर्ड का अधिक उपयोग करने के बाद लैपटॉप कीबोर्ड का उपयोग करते हैं, तो आपको कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 
क्योंकि इसके कीज़ आपस में बहुत पास पास होते हैं। इसके साथ ही, लैपटॉप में कुछ अतिरिक्त कीज़ भी दी गई हैं जो विभिन्न प्रकार के कार्य करती हैं।
जैसे स्क्रीन की ब्राइटनेस को कम और ज्यादा करना, वॉल्यूम को कम, ज्यादा या म्यूट करना, मल्टीमीडिया को कण्ट्रोल करना, लैपटॉप को स्लीप मोड (Sleep Mode) में डालना या एयरप्लेन मोड (Airplane Mode) को चालू करना आदि शामिल है। 
डेस्कटॉप कीबोर्ड की तुलना में लैपटॉप कीबोर्ड जल्दी खराब नहीं होते हैं। लेकिन लैपटॉप कीबोर्ड डेस्कटॉप कीबोर्ड की तुलना में बहुत अधिक महंगा होता है। इसलिए हमें लैपटॉप को गिरने, बारिश और धूल से बचाना चाहिए।
Roll-Up Keyboard:- रोल-अप कीबोर्ड हाई इलास्टिक पॉलीमर (High Elastic Polymer) से बना एक पोर्टेबल कीबोर्ड (Portable Keyboard) होता है और इसे फोल्डेबल कीबोर्ड (Foldable Keyboard) भी कहा जाता है क्योंकि इसे सिलेंडर (Cylinder) के आकार में मोड़कर कहीं भी एक बॉक्स में ले जाया जा सकता है।
यह उन लोगों के लिए सबसे अच्छा कीबोर्ड है जो बहुत यात्रा करते हैं। जब भी आप चाहें इसे इस्तेमाल करें और काम खत्म होने के बाद इसे रोल कर दीजिये। रोल-अप कीबोर्ड आकर्षक, टिकाऊ और बहुत कम बिजली का उपयोग करता है, इसके अलावा यह वाटरप्रूफ भी होता है।
जिसका मतलब है कि यदि आपके हाथ गीले हैं, तब भी आप इस पर आसानी से काम कर सकते हैं। इसके कीज़ बहुत मुलायम होते हैं, आपकी उंगलियां अधिक टाइप करने के बाद भी दर्द नहीं करेगी।

Keyboard में कितने बटन होते हैं? 

क्या आप जानते हैं? कीबोर्ड में कितने बटन होते हैं? या कीबोर्ड में कितनी कुंजियां होती है? 99% लोग प्रतियोगी परीक्षा (Competitive Exam) में इस प्रश्न का उत्तर गलत देते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि कंप्यूटर के कीबोर्ड में कुल कितने बटन होते हैं?
माइक्रोसॉफ्ट ने 104 कीज़ विंडोज कीबोर्ड को एक एनहांस्ड कीबोर्ड (Enhanced Keyboard) के रूप में लॉन्च किया था। 104 कीज़ वाले विंडोज कीबोर्ड में केवल तीन विशेष कीज़ जोड़े गए थे, जो विंडोज से संबंधित कार्य करते थे। स्टैण्डर्ड विंडोज कीबोर्ड में 104 कीज़ होते हैं।
लेकिन कई कंपनी के कीबोर्ड में 101, 102, 105, 108 कीज़ की एक अलग संख्या होती है, क्योंकि वे स्पेशल कीज़ (Special Keys) जोड़ते हैं। जिससे आपका टाइपिंग आसान हो जाता है। 
कीबोर्ड में बहुत सी कीज़ होती हैं, प्रत्येक कीज़ का उपयोग विशेष कार्यों के लिए किया जाता है। उपयोग के आधार पर, इन कीज़ को मुख्य रूप से 5 भागों में विभाजित किया जाता है।
Alphanumeric Keys:- अल्फ़ान्यूमेरिक कीज़ का उपयोग आमतौर पर डेटा इनपुट करने में किया जाता है। इसमें अल्फाबेट (A-Z/a-z), नंबर (0-9) और स्पेशल कैरेक्टर (!, @, #, $, %, ^, &, *) शामिल हैं, इन्हें अल्फान्यूमेरिक कीज कहा जाता है। यह कीबोर्ड के केंद्र में स्थित होता हैं। इन कीज का उपयोग टाइपिंग में अधिक किया जाता है।
कीबोर्ड में नंबर वॉल कीज़ दो जगहों पर स्थित होता हैं, पहला अल्फाबेट कीज़ के ऊपर और दूसरा अल्फाबेट कीज़ के दाईं ओर होता हैं। अल्फाबेट कीज़ के ऊपर में नंबर कीज होता हैं। इस पर स्पेशल कैरेक्टर अंकित होता हैं, हम इसे सिंबल कीज के रूप में भी उपयोग करते हैं।
इसके लिए शिफ्ट कीज़ का इस्तेमाल करना पड़ता है, शिफ्ट कीज़ के साथ, शिफ्ट कीज को दबाकर और साथ में नंबर वाला कीज को एक साथ दबाने से उस पर अंकित सिंबल टाइप हो जाते हैं।
Numeric Keys:- अल्फाबेट कीज़ के ठीक ऊपर न्यूमेरिक कीज़ स्थित होती हैं। इन कीज़ की सहायता से अंक 0 से 9 तक अंक टाइप किए जाते हैं। कीबोर्ड के दाईं ओर नंबर टाइप करने के लिए एक अलग सेट भी होता है, जिसे न्यूमैरिक कीपैड कहा जाता है, जो बिल्कुल कैलकुलेटर के समान होता है।
इनमें से कुछ ‘कीज’ एक साथ दो कार्य करती हैं। न्यूमेरिक कीपैड के ऊपर NUM LOCK बटन होता है, NUM LOCK के ऑफ या ऑन होने का पता न्यूमेरिक कीपैड के ऊपर हरे रंग के इंडिकेटर के जलने या बुझने से जाना जाता है।
NUM LOCK बंद होने पर यह कीज़ काम नहीं करती है, और जब NUM LOCK ऑन होता है, तो न्यूमेरिक कीपैड पर किसी भी कीज़ को दबाने पर नंबर टाइप होता है।
Function Keys:- प्रत्येक कीबोर्ड के सबसे ऊपर F1 से F12 फ़ंक्शन कीज़ का एक सेट होता हैं। उनका उपयोग कंप्यूटर में विशिष्ट कार्यों के लिए किया जाता है। उनका कार्य ऑपरेटिंग सिस्टम या वर्तमान में चल रहे प्रोग्राम (Program) पर भी निर्भर करता है।
Special Keys:- कंप्यूटर सिस्टम में स्पेशल कीज बहुत उपयोगी होती हैं, इसका उपयोग कुछ विशेष फ़ंक्शन को करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए Shift, Ctrl, Alt, Enter, Esc आदि।
Navigation Keys:- नेविगेशन कीज़ का उपयोग कंप्यूटर स्क्रीन पर पॉइंटर (कर्सर) को इधर-उधर ले जाने के लिए किया जाता है। इनमे चार एरो कीज़ होती हैं। इन कीज़ पर तीर के निशान बना होता हैं। 
बाईं ओर वाले तीर को Left Key और दाईं ओर वाले तीर को Right Key कहा जाता है। जो तीर ऊपर की ओर होता है, उसे Up Key कहा जाता है और जो तीर नीचे की ओर उसे Down Key कहा जाता है। इन कीज़ के साथ, आप कर्सर को स्क्रीन पर बाएं-दाएं, ऊपर और नीचे ले जा सकते है।

कुछ महत्वपूर्ण Command Keys और उनके उपयोग

Control Key:- कण्ट्रोल कुंजी एक कॉम्बिनेशन बटन है, जिसे जब किसी अन्य कुंजी के साथ संयुक्त रूप से दबाया जाता है, तो एक विशेष ऑपरेशन होता है। उदाहरण के लिए, Ctrl+C की सहायता से हम किसी भी डेटा को कॉपी कर सकते हैं और Ctrl+V के साथ उस डाटा को पेस्ट कर सकते हैं।
Alt Key:- Alt कुंजी का उपयोग अन्य दबाए गए कुंजी के कार्य को बदलने के लिए किया जाता है। इस प्रकार, Alt कुंजी एक Modifier Key है, और इसका उपयोग कण्ट्रोल कुंजी की तरह शॉर्टकट कमांड देने के लिए भी किया जाता है।
Shift Key:- शिफ्ट कुंजी एक Modifier Key है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी बटन पर दो करैक्टर चिह्नित होते है, तो ऊपर वाले करैक्टर को टाइप करने के लिए ‘शिफ्ट कुंजी’ का उपयोग किया जाता है। 
जैसे कि “!” कीबोर्ड पर 1 नंबर बटन के ऊपर चिह्नित होता है। तो “!” को टाइप करने के लिए, Shift के साथ 1 नंबर बटन दबाएं, तो “!” टाइप किया जाएगा अन्यथा 1 टाइप किया जाएगा।
Esc Key:- Esc कुंजी का उपयोग करके, उपयोगकर्ता कंप्यूटर पर चल रहे प्रोग्राम को रद्द कर सकता है। जैसे कि आप एक गेम खेल रहे हैं, तो आप Esc कुंजी का उपयोग करके गेम से एग्जिट (Exit) कर सकते हैं।
और पावरपॉइंट में इसका उपयोग स्लाइड शो से एग्जिट करने के लिए किया जा सकता है या इसके उपयोग से आप पॉप-अप विंडोज़ को बंद भी कर सकते है। यानी, आप कंप्यूटर में जो भी काम कर रहे हैं, उसे कैंसिल (Cancel) कर सकते है।
Enter Key:- Enter कुंजी एक महत्वपूर्ण कुंजी होता है, इसे रिटर्न कुंजी (Return Key) भी कहा जाता है। यह हमारे द्वारा दिए गए आदेश को कंप्यूटर में भेजने का कार्य करता है। 
डॉक्यूमेंट बनाते समय एक नया पैराग्राफ शुरू करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। एंटर कुंजी ‘ओके’ बटन के रूप में भी काम करता है। कीबोर्ड पर एंटर कुंजी दो जगहों पर होता है।
Backspace Key:- बैकस्पेस कुंजी का उपयोग टाइप किए गए टेक्स्ट को कर्सर के बाईं ओर और सेलेक्ट किये हुए टेक्स्ट को मिटाने (Delete) के लिए किया जाता है।
Delete Key:- डिलीट कुंजी का उपयोग टेक्स्ट, फाइल, फोल्डर आदि को हटाने (Delete) के लिए किया जाता है।
Num Lock Key:- कीबोर्ड के न्यूमेरिक कीज तब काम करती हैं जब न्यूम लॉक कुंजी को ऑन किया जाता है, अन्यथा, न्यूमेरिक कीपैड काम नहीं करती है।
Caps Lock Key:- कैप्स लॉक कुंजी ऑन करने के बाद, आप अपरकेस से लोवरकेस तथा लोवरकेस से अपरकेस में टाइप कर सकते हैं। यह कुंजी केवल अल्फाबेट कुंजियों पर काम करती है।
Windows Key:- विंडोज कुंजी में माइक्रोसॉफ्ट का लोगो बना होता है और यह कीबोर्ड पर बाईं Ctrl और Alt कुंजियों के बीच होता है। स्टार्ट मेन्यू को खोलने के लिए विंडोज कुंजी का उपयोग किया जाता है।
Space bar Key:- स्पेस बार कुंजी एक लंबी पट्टी के समान होती है, जिसका उपयोग टाइप करते समय शब्दों के बीच स्पेस (Space) बनाने के लिए होता हैं।
Tab Key:- टैब कुंजी का उपयोग एक समय में 8 कैरेक्टर के बराबर स्पेस देने के लिए किया जाता है, इसके अलावा भी इसके कई उपयोग होते हैं जैसे यदि आप एक ऑनलाइन फॉर्म बढ़ रहे हैं तो यह आमतौर पर एक डेटा एंट्री बॉक्स से दूसरे डेटा एंट्री बॉक्स में जाने के लिए और डायलॉग बॉक्स में दिए गए विकल्पों में से किसी एक का चयन करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। टैब कुंजी का उपयोग कुछ कीबोर्ड शॉर्टकट में भी किया जाता है।
Print Screen Key:- कंप्यूटर स्क्रीन का स्क्रीनशॉट लेने के लिए प्रिंट-स्क्रीन कुंजी का उपयोग किया जाता है, स्क्रीनशॉट लेने के बाद, यह आपके क्लिपबोर्ड पर कॉपी हो जाता है ताकि आप इसे कहीं भी पेस्ट कर सकें। जैसे डॉक्यूमेंट, ईमेल, इमेज एडिटर आदि।
Other Keys:- ऊपर बताई गई कुंजियों के अलावा, कीबोर्ड पर कई अन्य कुंजियों होती हैं, जैसे Pause/Break, Scroll Lock आदि जो विशेष कार्यों के लिए उपयोग की जाती हैं।

Keyboard की शॉर्टकट कीज 

कीबोर्ड शॉर्टकट कीज (Keyboard Shortcut Keys in Hindi) कंप्यूटर उपयोगकर्ता के लिए बहुत उपयोगी होता हैं। आप इन शॉर्टकट कीज का उपयोग करके अपने काम को सरल और तेज़ बना सकते हैं। 
इसलिए यदि आप कंप्यूटर का उपयोग करते हैं, तो आपको नीचे दिए गए कुछ महत्वपूर्ण शॉर्टकट कीज की जानकारी होनी चाहिए।
शॉर्टकट कीज एक, दो या तीन कुंजी का कॉम्बिनेशन होती हैं। उनकी मदद से, आप माउस को छुए बिना आसानी से अपना काम कर सकते हैं। यह भी सच है कि माउस से हमारा काम बहुत आसान हो जाता है।
लेकिन आप कीबोर्ड के शॉर्टकट कीज के माध्यम से भी अपना काम जल्दी और आसानी से कर सकते हैं, इसके लिए आपको कीबोर्ड की शॉर्टकट कीज की जानकारी होनी चाहिए। 
आज हम आपको कंप्यूटर के कुछ जरूरी कीबोर्ड शॉर्टकट कीज के बारे में बताएंगे, जिनके इस्तेमाल से आप अपना समय बचा सकते हैं।
  1. Ctrl+A Select All
  2. Ctrl+B Bold
  3. Ctrl+C Copy
  4. Ctrl+D Bookmark/Font
  5. Ctrl+E Center
  6. Ctrl+F Find
  7. Ctrl+G Go To
  8. Ctrl+H Find & Replace
  9. Ctrl+I Italic
  10. Ctrl+J Justified
  11. Ctrl+K Hyperlink
  12. Ctrl+L Left Alignment
  13. Ctrl+M Move
  14. Ctrl+N New File
  15. Ctrl+O Open File
  16. Ctrl+P Print
  17. Ctrl+Q Close
  18. Ctrl+R Reload/Right Alignment
  19. Ctrl+S Save
  20. Ctrl+T Open a New Tab
  21. Ctrl+U Underline
  22. Ctrl+V Paste
  23. Ctrl+W Close a Tab
  24. Ctrl+X Cut
  25. Ctrl+Y Redo
  26. Ctrl+Z Undo
  27. Alt+Tab Switch Between Applications
  28. Alt+F Open the File Menu
  29. Alt+F4 Close a Window/Application
  30. Shift+Del Delete Permanently
  31. Ctrl+Alt+Delete Open Task Manager
  32. Windows+R Open Run Command Box
  33. Ctrl+Esc Open the Start Menu
  34. Ctrl+Plus (+) Increase Zoom
  35. Ctrl+Minus (-) Decrease Zoom
  36. Home Move the Cursor to Start Line
  37. End Move the Cursor to End Line
  38. F1 Used as the Help Key
  39. F2 Rename the Selected File
  40. F5 Used as a Reload Key

Keyboard को हिंदी में क्या कहते हैं?

अक्सर प्रतियोगिता परीक्षा या इंटरव्यू में, कई बार ऐसे प्रश्न पूछे गए हैं, जैसे कि कीबोर्ड का हिंदी क्या होता है?, कीबोर्ड का हिंदी नाम क्या है?, कीबोर्ड को हिंदी में क्या कहते है? आदि। इसलिए हमें इसके बारे में पता होना चाहिए।
यदि आप कंप्यूटर का उपयोग करते हैं, तो आपको पता होगा कि कीबोर्ड कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। कीबोर्ड के बिना कंप्यूटर में किसी भी तरह का कोई काम नहीं किया जा सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे हिंदी में क्या कहते हैं?
कीबोर्ड को हिंदी में “कुंजीपटल” कहा जाता है। विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिता परीक्षाओं में अक्सर ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं, तो उम्मीदवार का सिर चकरा जाता हैं। यही नहीं, भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक IAS के इंटरव्यू में भी ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं।

Keyboard के कार्य प्रणाली?

जैसा कि हम जानते हैं कि कीबोर्ड एक हार्डवेयर डिवाइस होता है और कीबोर्ड के अपने सर्किट (Circuit) और प्रोसेसर (Processor) होते हैं। कंप्यूटर कीबोर्ड में कीबोर्ड मैट्रिक्स सर्किट (Keyboard Matrix Circuit) का उपयोग होता है जो कीबोर्ड प्रोसेसर और कीबोर्ड की सभी स्विच (Switch) के बीच सर्किट कनेक्शन (Circuit Connection) होता है।
जिसकी मदद से यह उपयोगकर्ता द्वारा दबाए जाने वाले बटन की जानकारी को कीबोर्ड प्रोसेसर में भेजता है। प्रत्येक बटन के नीचे एक ओपन सर्किट (Open Circuit) होता है और जब भी आप एक बटन दबाते हैं, तो उसके नीचे का स्विच से सर्किट क्लोज (Close Circuit) हो जाता है और इस तरह से, कीबोर्ड में एक हल्का विधुत प्रवाह होता है।
और जब कीबोर्ड प्रोसेसर एक पूर्ण सर्किट पाता है, तो रीड-ओनली मेमोरी (ROM) में एक कैरेक्टर चार्ट (Character Chart) बनता है। यह प्रोसेसर को बताता है कि कौन सा बटन दबाया गया है और वह बटन कहाँ पर स्थित है।

Keyboard की विशेषताएं

Ports and Interface:- कीबोर्ड वायर्ड और वायरलेस मॉडल में आते हैं। वायर्ड कीबोर्ड यूएसबी, PS/2, या सीरियल कनेक्टर के माध्यम से कंप्यूटर के साथ संचार करता है। 
वायरलेस कीबोर्ड का लाभ यह है कि आप कंप्यूटर से दूर बैठकर भी टाइपिंग कर सकते हैं। अधिकांश कीबोर्ड वायरलेस कनेक्टिविटी के लिए या तो यूएसबी या ब्लूटूथ तकनीक का उपयोग करते हैं।
Hotkeys and Media Keys:- कीबोर्ड हॉटकीज़ उपयोगकर्ता के लिए कंप्यूटर का उपयोग करना आसान बनाता है और ये हॉटकी आपका समय बचा सकते हैं। मीडिया कीज़, जिसमें वॉल्यूम और वीडियो कण्ट्रोल जैसे कार्य शामिल हैं, आप अपने मीडिया सिस्टम को कण्ट्रोल करने के लिए अपने कीबोर्ड के मीडिया कीज़ का उपयोग कर सकते हैं।
Size of the Keyboard:- आजकल कीबोर्ड अलग-अलग उद्देश्यों के लिए अलग-अलग आकारों में आते हैं, कुछ पोर्टेबिलिटी के लिए बनाए जाते हैं ताकि आप इसे आसानी से पैक कर सकें और जब आपको जरुरत हो तब इसका उपयोग कर सकें। 
छोटे कीबोर्ड के फायदे यह हैं की ये कीबोर्ड बहुत कम जगह लेते हैं और वजन में हल्के होते हैं ताकि आप इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकें। यदि आप गेमिंग के लिए एक कीबोर्ड चाहते हैं जिसमें मीडिया बटन, स्पेशल कीज़ आदि हो, तो आप गेमिंग कीबोर्ड का चयन कर सकते हैं।
Keyboard Layout:- अधिकांश कीबोर्ड में QWERTY लेआउट होता है, लेकिन AZERTY लेआउट के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। QWERTY के अलावा, कई अलग-अलग प्रकार के कीबोर्ड लेआउट होते हैं। जिन्हें भाषा और क्षेत्र के अनुसार बनाया जाता हैं जो हमारी उत्पादकता को बढ़ाता है।

Keyboard का उपयोग

कीबोर्ड का उपयोग करने के लिए, पहले कीबोर्ड को कंप्यूटर से जोड़ना आवश्यक है, कीबोर्ड को कंप्यूटर से जोड़ने के लिए कंप्यूटर में USB और PS/2 पोर्ट होते है। अब, लगभग सभी वायर्ड कीबोर्ड अपने इंटरफेस के रूप में यूएसबी (USB) का उपयोग करते हैं।
पुराने कंप्यूटर PS/2 और सीरियल कनेक्टर का उपयोग करते थे। यदि आपका वायरलेस कीबोर्ड (Wireless Keyboard) है, तो यह ब्लूटूथ (Bluetooth), रेडियो फ्रीक्वेंसी (Radio Frequency) या इंफ्रारेड (Infrared) पर काम करता है। सभी वायरलेस कीबोर्ड में एक रिसीवर (Receiver) होता है। 
जिसे कंप्यूटर के USB पोर्ट में प्लग किया जाता है, और कीबोर्ड उस रिसीवर से वायरलेस तरीके से कनेक्ट होता है।एक बार कनेक्ट होने के बाद, आप सुनिश्चित करें कि आपके वायरलेस कीबोर्ड में बैटरी है। अब आप कीबोर्ड का उपयोग कर सकते हैं।

Keyboard के लाभ

  1. कीबोर्ड एक प्राथमिक इनपुट डिवाइस है। जिसे आप वर्ड-प्रोसेसिंग (Word Processing) या डाटा एंट्री (Data Entry) करने के लिए उपयोग कर सकते हैं।
  2. यदि आपकी टाइपिंग की स्पीड अच्छी नहीं है, तो आप कीबोर्ड की शॉर्टकट कीज का उपयोग करके आसानी से टाइपिंग कर सकते हैं।
  3. आपके काम को आसान बनाने के लिए, कुछ विशेष प्रकार के कीबोर्ड भी आते हैं जैसे एर्गोनोमिक कीबोर्ड, मल्टीमीडिया कीबोर्ड आदि।
  4. कीबोर्ड बहुत महंगा नहीं होता है, इसे साफ करना और मरम्मत करना आसान है।

Keyboard के नुकसान

  1. कीबोर्ड पर टाइपिंग करते समय गलतियाँ होना बहुत आसान है।
  2. कीबोर्ड का उपयोग करने वाले व्यक्ति को टाइपिंग (Typing) करना सीखना होता है।
  3. आप कीबोर्ड से आरेख (Diagram) या चार्ट (Chart) नहीं बना सकते है।
  4. कीबोर्ड का बहुत अधिक उपयोग करने से Repetitive Strain Injury और Carpal Tunnel Syndrome भी हो सकता है।

निष्कर्ष

मुझे उम्मीद है कि आपको इस पोस्ट में “कीबोर्ड क्या है? (What is Keyboard in Hindi)” और इससे संबंधित सभी प्रश्न का उत्तर मिल गया होगा, लेकिन यदि आपके मन में कोई प्रश्न हैं, तो आप नीचे कमेंट कर सकते हैं, हम आपकी मदद जरूर करेंगे। इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करें, ताकि उन्हें भी कंप्यूटर से जुड़े सवालों के जवाब मिल सकें।
आशा है आपको यह बेहतरीन पोस्ट पसंद आई होगी।
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