Modem क्या है? Modem के बारें में विस्तार से जानिए?

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What is Modem? know Modem in details in Hindi?


MODEM
MODEM

मॉडेम एक नेटवर्क हार्डवेयर डिवाइस है जो किसी कंप्यूटर को एक टेलिफोन लाइन या केबल या सैटेलाइट कनेक्शन पर डेटा भेजने और प्राप्त करने की अनुमति देता है, जिससे डिजिटल डेटा को फोन लाइन पर उपयोग किए गए एनालॉग सिग्नल में कन्‍वर्ट किया जा सकता है।

हिस्ट्री ऑफ़ मॉडेम 

Modem का Full Form होता है “Modulator / Demodulator.” यह एक ऐसा hardware component होता है जो की allow करता है एक computer या दुसरे device को, जैसे की एक router या switch, को Internet के साथ connect होने के लिए 1962 में, पहला commercial modem, AT&T द्वारा Bell 103 के रूप में निर्मित और बेचा गया था.  modem का पहला डिवाइस एनालॉग टेलिफोन था एनालॉग टेलिफोन लाइनों पर होकर डिजिटल डाटा को बदलता था इस मॉडेम की स्पीड को बॉड में मापा जाता था इसके बाद इसे बिटस् पर सेकंड में बदला जाता था| सबसे पहले मॉडेम का प्रयोग अमेरिकी सेना ने किया उस समय मॉडेम की स्पीड 110 bps थी 1980 के दशक में मॉडेम का प्रयोग अधिक होने लगा।

1990 में वर्ल्ड वाइड वेब के आने के बाद मॉडेम का दुनिया में उपयोग होने लगा| सबसे पहले मॉडेम का नाम डायल-अप’ था जिसका अर्थ है की जिन्हें टरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) से जुड़ने के लिए एक फोन नम्बर डायल करना पड़ता है  यह डायल-अप मॉडेम स्टैण्डर्ड एनालॉग मोबाइल लाइनों में काम करता था डायल-अप मॉडेम (Dial-up Modem) में एक समय में एक ही काम कर सकते थे  जैसे की एक बार में इंटरनेट चला सकते है या काँल कर सकते है आधुनिक समय में मॉडेम पर DSL या केबल लगे होते है जिसे आमतैर पर ब्रॉडबैंड डिवाइस कहा जाता हैं।


मॉडेम का परिचय 

मॉडेम का नाम आपने कभी ना कभी कहीं ना कहीं जरूर सुना होगा। और आपने कभी ना कभी मॉडेम के इस्तेमाल जरूर किया होगा क्योंकि मॉडेम के इस्तेमाल से ही हमारा जो डिजिटल सिग्नल है एनालॉग सिग्नल में परिवर्तित होता है और जो एनालॉग सिग्नल आता है और डिजिटल सिग्नल में परिवर्तित होता ।मॉडेम एक ऐसा डिवाइस जो एक छोटे लेवल या फिर घर के लिए इंटरनेट प्रदान कर सकता है।आइए आज के इस पोस्ट में जानते हैं कि मॉडम क्या है? यह कैसे कार्य करता है? इसकी मुख्य लक्षण कौन-कौन से हैं? डिजिटल सिग्नल को एनालॉग सिग्नल में किसी फोन लाइन पर सीधा ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। इसलिए सबसे पहले डिजिटल सिग्नल (0 or 1) को एनालॉग सिग्नल में चेंज किया जाता है।

इस प्रोसेस को माड्यूलेशन कहते हैं। इसी प्रकार एनालॉग सिग्नल को डिजिटल सिग्नल में सीधा पर ट्रांसमिट नहीं किया जा सकता है। इसलिए सबसे पहले एनालॉग सिग्नल को डिजिटल सिग्नल में चेंज किया जाता है यह प्रोसेस डेमाड्यूलेशन लाती है। इस प्रकार से वह डिवाइस जो माड्यूलेशन एंड डीमाड्यूलेशन का काम करता है उसे ही मॉडेम कहते हैं।यानी कि एक ऐसा डिवाइस जो माड्यूलेशन और डीमाड्यूलेशन का काम एक साथ करता हो मॉडेम कहलाता है। वैसे भी मॉडेम दो शब्दों से मिलकर बना होता है मो का अर्थ होता है माड्यूलेशन और डेम का अर्थ होता है डीमाड्यूलेशन।


मॉडेम का निर्माण किसने किया?

1962 में, पहला commercial modem, AT&T द्वारा Bell 103 के रूप में निर्मित और बेचा गया था.जो सबसे पहला मॉडेम था उसे हम डाटाफोन के नाम से जानते है जिस एटी&टी 11960  में रिलीज किया था . बाद में Home user  तब प्रयोग में लेने लगे जब Dennis Hayes and Dale Heatherington  ने  80-103A मॉडेम को 1977  में लांच किया था।

मॉडेम क्या हैं?

मॉडेम यह एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है। इसका प्रयोग डाटा को एक कंप्युटर से दूसरे कंप्युटर तक पहुँचाने के लिए किया जाता है । यह टेलीफोन लाइन द्वारा कार्य करता है। मॉडेम का प्रयोग हम डिजिटल संकेतों को एनालॉग संकेतों में परिवर्तित करने के लिए करते हैं जो मॉडुलेटर और  डी-मॉडुलेटर का संक्षिप्त रूप है । इस एनालॉग को हम संकेतों में परिवर्तित करते हैं। इस प्रकार से मॉडेम दो या दो से अधिक कंप्युटरों में मध्यस्थ का कार्य करता है। जब कंप्युटर नेटवर्क या इंटरनेट से जुड़ा होता है तो उस परिस्थिति में मॉडेम आकड़ों के संचारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । इसलिए मॉडेम खरीदते समय हमेशा इसकी गति का ध्यान रखना चाहिए । क्योंकि तेज गति वाला मॉडम खरीदने से धन और समय दोनों की बचत होती है ।

मॉडेम एक नेटवर्क हार्डवेयर डिवाइस है जो किसी कंप्यूटर को एक टेलिफोन लाइन या केबल या सैटेलाइट कनेक्शन पर डेटा भेजने और प्राप्त करने की अनुमति देता है, जिससे डिजिटल डेटा को फोन लाइन पर उपयोग किए गए एनालॉग सिग्नल में कन्‍वर्ट किया जा सकता है।Modem शब्द दों शब्दों Modulator के “MO” और Demodulator के “Dem” से मिलकर बना है, जो इसकी कार्यप्रणाली को दर्शाता है, Modem का प्रयोग कंप्यूटर को Telephone या Cable से डाटा भेजने के लिए किया जाता हैं| यह एक प्रकार का हार्डवेयर डिवाइस है जो एनालॉग और डिजिटल डेटा के बीच वास्तविक समय में दो-तरफा नेटवर्क संचार के लिए परिवर्तित होता है। यह कंप्यूटर या राउटर को ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ता है।

मॉडेम के प्रकार

Modem क्या हैं आपने समझ लिया। अब हम आपको Modem Types बताएँगे की Modem कितने प्रकार के होते है:-
  1. आन्तरिक मॉडम (Internal Modem)
  2. बाह्य मॉडम (External Modem)
  3. डीएसएल मॉडम (Digital Subscriber Line, DSL)
  4. एसडीएसएल मॉडम (Symmetric Digital Subscriber Line, SDSL)
  5. एडीएसएल मॉडम (AsymmetricDigital Subscriber Line, ADSL)
  6. केबल मॉडम (Cable Modem) 
  7. सैटेलाइट मॉडम (Satellite Modem)

Internal Modem:- आंतरिक मॉडेम कंप्यूटर या लैपटॉप में ही लगे होते है जो इंटरनेट नेटवर्क के साथ संचार करने के लिए काम आता हैं। Internal Modem, बाहरी मॉडेम से सस्ते होते है क्योंकि इनको अलग से पॉवर सप्लाई व चेसिस की जरूरत नहीं होती हैं
Internal Modem
External Modem:- बाहरी मॉडेम कंप्यूटर में स्थापित करने के लिए सबसे सरलतम मॉडेम का एक प्रकार है। टेलीफोन लाइन मॉडेम के पीछे के पैनल पर एक सॉकेट में प्लग हो जाती है। बाहरी मॉडेम अपनी स्वयं की बिजली आपूर्ति इस्तेमाल करता है, जिससे आप जब भी इंटरनेट कनेक्शन तोडना चाहे तो इसको बंद कर सकते है। इन मॉडेम के उदाहरण डीएसएल मोडेम (DSL Modem) है जो ब्रॉडबैंड कनेक्शन में काम आते है।

External Modem
PC Card Modem:- यह मॉडेम, पोर्टेबल कंप्यूटर के लिए बनाया गया है, जो क्रेडिट कार्ड के आकार के होते है और नोटबुक व हैण्ड हेल्ड कंप्यूटर पर पीसी कार्ड स्लॉट में फिट बैठते हैं। जब कभी मॉडेम की जरूरत नहीं होने पर इसको हटा सकते है। पीसी कार्ड मॉडेम, बाहरी मॉडेम और आंतरिक मॉडेम का एक संयोजन की तरह हैं। इस मॉडेम को पोर्टेबल कंप्यूटर में एक बाहरी स्लॉट में सीधे फिट कर दिया जाता है। ये कार्ड मॉडेम कंप्यूटर द्वारा संचालित होते है।इनके लिए टेलीफोन केबल के अलावा और किसी केबल की जरूरत नहीं होती है।
PC Card Modem
Cable Modem:- केबल मॉडेम, नेटवर्क ब्रिज का एक प्रकार और एक मॉडेम है, जो हाइब्रिड फाइबर कोएक्सियल (HFC) व रेडियो आवृति इन्फ्रास्ट्रक्चर पर रेडियो आवृति चैनल्स के द्वारा दोनों दिशाओ में डाटा संचार प्रदान करता है। केबल मॉडेम मुख्य रूप से केबल इंटरनेट के रूप में ब्रॉडबैंड इंटरनेट को प्रदान करने के लिए किया जाता है, यह उच्च बैंडविड्थ नेटवर्क का लाभ लेने की सुविधा देता है। एक केबल मॉडेम एक डिवाइस है, जो केबल टीवी लाइन को पीसी से कनेक्ट करके 1.5 Mbps की दर से डाटा प्राप्त (Receive) करने की अनुमति देता है।

केबल मॉडेम की डाटा दर (Data Rate), टेलीफोन मॉडेम की डाटा दर (28.8 और 56 Kbps), डिजिटल नेटवर्क एकीकृत सेवा (Integrated Services Digital Network- ISDN) की डाटा रेट (128 Kbps) से बहुत अधिक है और DSL टेलीफोन सेवा से प्राप्त होने वाली रेट के लगभग बराबर है।अधिकतर आधुनिक केबल मॉडेम ‘डॉक्सिस’ (DOCSIS- Data Over Cable Service Interface Specification) को सपोर्ट करते हैं, जो एक ही केबल पर टीवी सेट टॉप बॉक्स के साथ जोड़कर इंटरनेट एक्सेस के लिए उपयोग किया जा सकता है। केबल कनेक्शन से टेलीफोन कनेक्शन के मुकाबले न सिर्फ तेज डाटा दर प्राप्त होती है बल्कि इंटरनेट का कनेक्शन भी निरंतर बना रहता है।

Cable Modem
Half Duplex:- ये एक समय में सिर्फ एक ही तरफ से प्रसार के लिए अनुमति देता है.अगर किसी संवाहक को मॉडेम की लाइन पर पकड़ा जाता है तो इस सिग्नल के आने की जानकारी सीधे DTE के पास जाती है.जब तक डाटा आ रही है तब तक मॉडेम DTE को आगे सिग्नल भेजने की अनुमति नही देता है
Half Duplex
Full Duplex:- ये डाटा को दोनों तरफ से काम करने और डाटा को प्रसार करने की अनुमति देता है.इसीलिए इसमें दो संवाहक लाइन होती है, पहली भेजने के लिए और दूसरी पाने के लिए. इनके डाटा के संचार के लिए मॉडेम 2 वायर या फिर 4 वायर का होता है. 4 वायर मॉडेम कनेक्शन में तारो का एक जोड़ा संवाहक के आने के लिए होता है और दूसरा जोड़ा संवाहक के जाने के लिए
Full Duplex
2-wire Modem:- 2 वायर  मॉडेम एक ही तार को संवाहक के आने और जाने के लिए इस्तेमाल करता है. 2 वायर कनेक्शन की कीमत 4 वायर कनेक्शन से कम होती है. 2 वायर कनेक्शन में डाटा का संचार टेलीफोन की मदद से किया जाता है. 2 वायर कनेक्शन में Half duplex mode of Transmission का इस्तेमाल इन्कमिंग और आउटगोइंग के लिए आसानी से किया जाता है. ये सिर्फ एक फ्रीक्वेंसी पर काम करता है.लेकिन Full duplex mode of Transmission के लिए दो ट्रांसमिशन चेंनेल का होना बहुत जरुरी है. पहला जो डाटा को प्रसारित कर सके और दूसरा जो डाटा को ले सके. ये दो फ्रीक्वेंसी पर काम करता ह
2-wire Modem
Asynchronous Modem:- ये मॉडेम डाटा की बाइट ( Bytes ) को स्टार्ट और स्टॉप बिट की मदद से आसानी से संभल लेता है. मॉडेम और DTE के बीच में कोई अलग अलग टाइमिंग नही होती. इस मॉडेम में पल्स को स्टार्ट करने के लिए इंटरनल पल्सेस की टाइमिंग को Synchronized किया जाता है
Asynchronous Modem
Synchronous Modem:- ये डाटा के लगातार बहाव को आसानी से संभल सकता है लेकिन इसको कुछ क्लॉक सिग्नल की जरूरत पड़ती है. डाटा की हर बिट को क्लॉक सिग्नल के द्वारा synchronized किया जाता है. डाटा बिट को प्रसारित करने के लिए और डाटा बिट को पाने के लिए इनमे अलग अलग क्लॉक का इस्तेमाल होता है. डाटा के Synchronous transmission के लिए, DTE अपनी इंटरनल क्लॉक का इस्तेमाल कर सकता है

Synchronous Modem
Broadband Modem:- Broadband qModem कोHigh Speed Modem के रूप में जाना जाता है, Dsl या Cable Internet Access के लिए उपयोग किये जाने वाले Broadband Modem Traditional Dial Up की तुलना में High Speed हासिल करने के लिए Advance Signaling Technique का Use करते है। कुछ Broadband Routers में एक Hardware Intigrated Modem शामिल होता है।
Broadband Modem
Dial-up Modem:- Dial-up Modem को Local Telephone Line का पूरा उपयोग करने की आवश्यकता होती है, जिसका मतलब यह है कि एक बार में आप या तो Internet चला सकते हैं या Voice Call कर सकते हैं। Dial Up Network, Traditional Modem, Telephone Lines पर Use किए गए Analog Form और Computer पर इस्तेमाल किए जाने वाले Digital Form के बीच Data Convert करते हैं।
Dial-up Modem
Removable Modem:- Removable Modem पुराने Laptop Pcmcia Slot के साथ उपयोग किया जाता है और जरूरत के अनुसार इसे जोड़ा या हटाया भी जा सकता है।
Removable Modem
On Board Modem:- On board Modem Motherboard पर निर्मित Modem है, इस Modem को हटाया नहीं जा सकता है, लेकिन एक Jumper या Cmos (Cmos Setup) के माध्यम से Unable किया जा सकता है।
On Board Modem
Fax Modem:- फैक्स मॉडेम के उपयोग द्वारा आप अपने कंप्यूटर से फैक्स भेज सकते हैं और साथ अन्य कम्प्यूटर्स से फैक्स प्राप्त भी कर सकते हैं. इसके द्वारा आप अन्य फैक्स मॉडेम या मशीनों से फैक्स की गई सुचना का आदान-प्रदान कर सकते है इसका एक लाभ यह है कि आप उचित सॉफ्टवेयर का उपयोग करके फैक्स द्वारा प्राप्त सूचनाओं को फाइल्स में बदल कर एडिट कर सकते हैं
Fax Modem

मॉडेम की कार्यप्रणाली

डिजिटल सिग्नल, एनालॉग फोन लाइन पर ट्रांसमिट नहीं हो सकते हैं इसलिए डिजिटल सिगनल्स को एनालॉग सिगनल्स में परिवर्तित किया जाता है यह क्रिया ‘Modulation’ कहलाती है इसी प्रकार एनालॉग सिगनल्स डिजिटल माध्यम पर ट्रांसमिट नहीं हो सकते हैं इसलिए एनालॉग सिगनल्स को डिजिटल सिगनल्स में परिवर्तित किया जाता है यह क्रिया ‘Demodulation’ कहलाती है Modulation और Demodulation इन दोनों क्रियाओं को करने वाला एक डिवाइस होता है जिसे मॉडेम कहते हैं
मॉडेम Modulation तथा Demodulation का संक्षिप्त रूप है| मोडेम की गति को बीपीएस (bps) और केबीपीएस (Kbps) में मापा जाता है ।जब ट्रांसमिट डाटा सिग्नल कम शक्तिशाली होता है तब भी मॉडेम उपयोगी होता है क्योंकि दूर स्थित स्थानों तक डाटा ट्रांसमिशन के लिए डाटा सिगनल्स की गति मॉडेम द्वारा निर्धारित की जाती है| यह ट्रांसमिशन से पूर्व डाटा सिगनल्स की गति को बढ़ा देता है| आजकल फाइबर ऑप्टिक मॉडेम भी उपलब्ध है जो डिजिटल सिगनल्स को प्रकाशीय सिगनल्स में परिवर्तित कर सकते हैं जिससे फाइबर ऑप्टिक केबल्स में डेटा का ट्रांसमिशन किया जा सकता है AT&T द्वारा लांच किए गए मॉडेम का नाम data sets है| माइक्रो कंप्यूटर के लिए मॉडेम का डाटा ट्रांसफर रेट 300, 1200, 2400, 4800, और 9600 बिट्स प्रति सेकंड होती है बाजार में इससे अधिक गति के मॉडेम भी उपलब्ध है| Modem के वैसे तो बहुत से कार्य होते है, लेकिन Modem के कुछ जरुरी कार्यो के बारे में हम आपको बताएँगे, की Modem क्या काम करता है।
  1. Modem का Modulator Computer से और बाकी के Digital Device से जा रहे Digital Signal को ठीक करता है, Modem का कार्य है हमारी Telephone Line से आने वाले Analog Signal को Modulate करना और ऐसे Digital Signal में बदलना जिसे हमारा Computer Read कर के आसानी से समझ पाये।
  2. Computer से आने वाले Signal को Demodulate करके Analog Signal में Change कर उसे दोबारा भेज सके और इस प्रक्रिया को ही Modulation और Demodulation कहते है।
  3. Modem ज्यादातर Network Area में Use किया जाता है, Modem अलग-अलग Network या Lan और एक अलग दुनिया के बीच संचार के साधन के रूप में काम करते हैं।
  4. एक Modem हमारे Computer को एक Standard Phone Line या Cable से Connect करता है, जिससे हम Data भेज या Data प्राप्त कर सकते है।
  5. Modem एक Conversation Tool है जो एक Device के Signal को अन्य Device Read कर सके ऐसे Signal में Convert करता हैं।
  6. तो यह थे मॉडेम के कार्य जो आपने जाने। चलिए अब जानते है Modem किस तरह से Use किया जाता है। 

मॉडेम कैसे इस्तेमाल करे?

क्या आपने भी Internet चलाने के लिए मॉडेम ख़रीद लिया है और अब आपको Modem Ki Setting करनी है तो आगे हम आपको बताएँगे की Modem की Setting करके मॉडेम से नेट कैसे चलाए मॉडेम का इस्तेमाल करने के लिए आपको Dial – Up Connection Set करना होगा।
Step 1:- अपने कंप्यूटर पर एक यूएसबी पोर्ट के लिए यूएसबी मॉडेम कनेक्ट करें (Connect Usb Modem To A Usb Port On Your Computer)-सबसे पहले Usb Modem को Usb Port से Connect करें। Windows Automatically Modem को Detect करते है और Driver को Install करता है। Driver Install करने के बाद “Start” Button पर Click करके Control Panel पर Click करे और फिर “Network And Internet” पर Click करे। Utilites List में Networking Setting को Open करने के लिए Network And Sharing Center पर Click करे।
Step 2:- एक कनेक्शन या नेटवर्क सेट करेंलिंक पर क्लिक करें (Click The “Set Up A Connection Or Network” Link)-अब Set Up A Connection Or Network की Link होगी उस पर Click करे। यह Link आपके Service Provider के लिए Dial Up Connection Set करने के लिए Wizard शुरू करता है। अब Usb Modem Setup Choose करने के लिए “Set Up A Dial-up Connection” पर Click करे और Next पर Click कर दे।
Step 3:- विवरण दर्ज करें (Enter Details)-Text Box में अपना Dial Up Number, Username और Password Type करे। यह Values आपके Isp द्वारा Provide की जाती है। “Connection Name” Text Box में आपके Connection के लिए Name Type करे।
Step 4:- कनेक्टबटन पर क्लिक करें (Click The “Connect” Button)-अब Connect Button पर Click करे। Default Web Browser को Open करने के लिए Browse The Internet Now पर Click करे। अब Web Browser Address Text Box में एक Website Type करें और Enter Press करे। Website को Access करने और Open करने के लिए Usb Modem का उपयोग किया जाता है।

मॉडेम की विशेषताएं 


मॉडेम की 3 मोस्ट इंपोर्टेंट विशेषताएं  होते हैं। यह तीन विशेषताएं:-

  1. Transmission speed
  2. Error detection and correction 
  3. compression  

Transmission Speed:- मॉडेम कहीं Transmission speed में उपलब्ध हैं जिन्हें बिट्स प्रति सेकंड में मापा जाता । स्टैंडर्ड मॉडेम की गति 9,600  BPS 14,400 BPS 28,000 BPS 33,600 BPS 56,800 BPS होता है।
Error detection and correction:- इन दिनों अत्यधिक मॉडेम में Advanced varieties के error डिटेक्शन प्रोटोकोल हार्डवेयर का उपयोग किया जाता है।एरर आइडेंटिफिकेशन और सॉल्यूशन में माइक्रोकॉम नेटवर्किंग प्रोटोकॉल का प्रयोग होता है। इस प्रोटोकॉल को माइक्रोकॉम ने Develope किया था। इससे Noisy टेलीफोन कनेक्शन में बने हुए गलतियों को को पहचाना एवं सुधारा जा सकता है।
Compression:- अधिकतर मॉडेम कई प्रकार की डेटा Compression प्रोटोकॉल का प्रयोग करते हैं। 
इन प्रोटोकोलो के प्रयोग से डाटा ट्रांसमिशन लगभग 50% तक बढ़ सकता ।

मॉडेम का उपयोग 

मोडेम का उपयोग टेलीफोन लाइनों के माध्यम से एक कंप्यूटर नेटवर्क से दूसरे कंप्यूटर नेटवर्क में डेटा ट्रांसफर के लिए किया जाता है। कंप्यूटर नेटवर्क डिजिटल मोड में काम करता है, जबकि एनालॉग तकनीक का उपयोग फोन लाइनों पर मैसेज को ले जाने के लिए किया जाता है। मोडम एक इनपुट और एक आउटपुट डिवाइस है।

इसका उपयोग टेलीफोन लाइनों पर इनफॉर्मेशन और डेटा भेजने और प्राप्त करने के लिए किया जाता है। कम से कम दो तरीके हैं जिनका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक रूप से डेटा और इनफॉर्मेशन का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जा सकता है। एक तरीका डिजिटल है और दूसरा तरीका एनालॉग है। डिजिटल प्रतिनिधित्व का उपयोग करने वाली मशीनें एनालॉग प्रतिनिधित्व को नहीं समझ सकती हैं और इसके विपरीत।

जब कोई कंप्यूटर मॉडेम का उपयोग करके दूसरे कंप्यूटर से बात करता है, तो वह दूसरे कंप्यूटर से डिजिटल जानकारी और डेटा भेजता और प्राप्त करता है। यह जानकारी कंप्यूटर के बीच टेलीफोन लाइन पर यात्रा करती है। टेलीफोन लाइनें एनालॉग रूप में डेटा और सूचना भेजती हैं डिजिटल रूप में नहीं। इसलिए, कंप्यूटर से डिजिटल इनफॉर्मेशन और डेटा को एनालॉग रूप में रखने के लिए एक अनुवादक की आवश्यकता होती है ताकि डेटा को टेलीफोन लाइन पर भेजा जा सके। 

इसी प्रकार, टेलीफोन लाइन के ऊपर आने वाली एनालॉग इनफॉर्मेशन और डेटा को डिजिटल रूप में (जो कि कंप्यूटर समझता है) अनुवाद करने के लिए दूसरे छोर पर एक अनुवादक की आवश्यकता होती है। तो यही काम मोडम करता हैं।

मॉडेम के लाभ

  1.  इसका इस्तेमाल इन्टरनेट कनेक्शन के लिए किया जाता है।
  2. ये डिजिटल सिग्नल को एनालॉग सिग्नल में बदल सकता है।
  3. मॉडेम डाटा के संचार के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे प्रचलित साधन है।
  4. ये टेलीफोन की लाइन से दो कंप्यूटर को आसानी से जोड़ सकता है।
  5.  इसकी कीमत भी अधिक नही होती।

मॉडेम के नुकसान 

  1.  इसके काम करने की गति इसकी कीमत पर निर्भर रहती है।
  2. ये सिर्फ LAN और इन्टरनेट के बीच ही काम करता है।
  3.  ये इंटरमीडिएट ( Intermediate ) प्रकिर्या को नही समझता।
  4.  इसके कनेक्शन के लिए आपको RJ11 जैक की जरूरत होती है तभी ये डाटा का संचार कर पता है।

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