PHP क्या हैं? PHP के बारें में विस्तार से जानिए?

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What is PHP? Know PHP in Details in Hindi?

 PHP
PHP

PHP का Full Form “Hypertext Preprocessor” है। यह एक Server Side Scripting Language है। जिसका उपयोग Web Development में किया जाता है। Server Side Scripting यानी PHP में लिखा गया Program हमेशा Server में Run होता है और जो भी Output होता है। वह HTML Page के रूप में Convert होकर User के Web Browser पर Display होता है।

हिस्ट्री ऑफ़ PHP 

PHP जो एक “Web Based Programming Language” है जिसको 1995 Rasmos Lerdorf ने बनाया था। उन्होंने शुरुवात में एक Program लिखा जिसका नाम था Common Gateway Interface (CGI). इसको लिखने के लिए Programming in C का इस्तेमाल किया गया। 

इस प्रोग्राम के जरिये उन्होंने अपना Personal Home Page बनया। खास दिलचस्पी के कारण वो Web पेज बनाने के लिए अपना Database को इस्तेमाल किए। तब इस Language का नाम कारण बना, वो नाम था Personal Home Page/ Form Interpreter या PHP/IF भी बोला जाने लगा। Dynamic Web Page को Design करने के लिए इस Language का इस्तेमाल हुआ। 

इसके बाद इस Language को और बहतर बनाने के लिए एक Tool को Develop किया गया जिसका नाम रखा गया Home Page Tool 1.0 . 2013 तक इसमें बहुत सारे नए Features इसमें Add किए गए। PHP HTML Embeded बनाया गया और ये PHP धीरे-धीरे दुनिया की बड़ी-बड़ी Website बनाने में इस्तेमाल होने लगा। ये था छोटा-सा PHP का इतिहास। 


PHP का परिचय 

डायनामिक वेब पेज (Dynamic Webpage) विकसित करने के लिए PHP का उपयोग किया जा रहा है। PHP का पूरा नाम हाइपरटेक्स्ट प्रीप्रोसेसर (Hypertext Preprocessor) है। पहले इसे पर्सनल होम पेज(Personal Home Page) के नाम से जाना जाता था। 

आजकल, PHP डायनामिक वेबसाइटों या वेब एप्लीकेशन के निर्माण के लिए काफी लोकप्रिय है।यदि आपके पास HTML (Hypertext Markup Language) और CSS (Cascading Style Sheets) का अच्छा ज्ञान है, तो आपको PHP सीखने में अधिक कठिनाई महसूस नहीं होगी। यदि आपको PHP पर काम करना है तो आपको डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली (Database Management System) के बारे में भी पता होना चाहिए। 

PHP विभिन्न प्रकार के डेटाबेस को सपोर्ट करता है, जैसे MySQL, Oracle, Sybase, SQLite, MS-Access, Informix आदि।जैसा की हम जानते है की PHP ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग (Object Oriented Programming) को सपोर्ट करता है। ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग बहुत सारी सुविधाएं प्रदान करता है, जैसे क्लास (Class), ऑब्जेक्ट (Object), इनहेरिटेंस (Inheritance), पोलिमोर्फ़िज्म (Polymorphism), ओवरलोडिंग (Overloading), डाटा एब्सट्रैक्शन (Data Abstraction), इनकैप्सुलेशन (Encapsulation) आदि। 

PHP एक ओपन सोर्स (Open Source) प्रोग्रामिंग भाषा है, इसलिए कोई भी इसे डाउनलोड कर सकता है और इसका इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन PHP एक सर्वर साइड भाषा है, इसलिए PHP का उपयोग करने के लिए आपको अपने कंप्यूटर पर WAMPServer और XAMPP सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करना होगा। PHP के साथ आप डायनामिक वेबसाइट, स्टेटिक वेबसाइट, वेब एप्लिकेशन, लॉगिन सिस्टम, फॉर्म, ईआरपी सिस्टम और भी बहुत कुछ बना सकते हैं।

PHP क्या हैं?

PHP को पहले “पर्सनल होम पेज” नामक एक सरल स्क्रिप्टिंग प्लेटफ़ॉर्म के रूप में बनाया गया था। आजकल PHP Microsoft के एक्टिव सर्वर पेज (ASP) तकनीक का एक विकल्प है। PHP एक ओपन सोर्स सर्वर-साइड भाषा है जिसका उपयोग डायनामिक वेब पेज बनाने के लिए किया जाता है। इसे HTML में एम्बेड किया जा सकता है।

 PHP आमतौर पर लिनक्स / यूनिक्स वेब सर्वर पर एक MySQL डेटाबेस के साथ संयोजन में उपयोग किया जाता है। यह शायद सबसे लोकप्रिय स्क्रिप्टिंग भाषा है। PHP एक व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली General-Purpose Scripting Language और Interpreter है जो स्वतंत्र रूप से उपलब्ध है।

PHP को 1994 में Rasmus Lerdorf द्वारा बनाया गया था। Lerdarf ने शुरुवात में इसे अपने Online Resume को Track करने के लिए बनाया था। जिसका नाम उन्होंने Personal Home Page Tool (PHP) रखा। Rasmus Lerdorf ने अपनी बड़ी सोच व अधिक कार्यक्षमता के कारण PHP Tool को फिर से लिखना शुरू किया और एक नया PHP Model तैयार किया इसके द्वारा यूजर को एक फ्रेमवर्क उपलब्ध कराया गया। 

जिसकी मदद से यूजर सिंपल Dynamic Web Application विकसित कर सकते थे। June 1995 में Rasmus ने PHP Tools के लिए Source Code जारी किया अब Developer’s इस Code की मदद से बनाये गए Dynamic Web Applications पर सुधार कर सकते थे साथ ही कोड में बग्स को भी Fix कर सकते थे। एक तरह से Developer’s को पूरी अनुमती थी कि वो जहा चाहे इसे अपने हिसाब से सही कर सकते है।

इसके बाद PHP में कई सुधार किये गए। कई Programing Languages भी विकसित हुई। 1997 में PHP 3.0 जारी किया गया जो PHP का First Version था। यह पिछले Version से काफी सक्षम था। इसके आने के बाद PHP के कई Limited Use खत्म हो गये और तब इसका नाम PHP Home Page से बदलकर PHP Hypertext Preprocessor रखा गया। 

इसके बाद में भी PHP में सुधार होते रहे PHP 3.0 के बाद PHP 4.0 और अब PHP 5.0 Released कर दिया गया है। आधुनिक PHP इतना सक्षम है कि इसके इस्तेमाल से Facebook, Amazon, wordpress जैसी Multitasking Websites Developed की गई है।


PHP के प्रकार 

C प्रोग्रामिंग की तरह PHP में भी डाटा Types होते हैं। यदि आपने C प्रोग्रामिंग पहले से ही Complete की हुई हैं तो आपको PHP Data Type आसानी से समझ आ जायेंगे। जैसे की C Programming में हम Variable बनते हैं हैं वैसे ही PHP में भी हम वेरिएबल बनाते हैं।

PHP वेरिएबल:- PHP में वेरिएबल बनाने के लिए हम $ sign (Dollar sign) का उपयोग करते हैं। $ sign और वेरिएबल बना सकते हैं।

Example के लिए:- $var, $data, $date, $result आदि। वेरिएबल हम किसी भी नाम से बना सकते हैं।

वेरिएबल में Value को Store करने के लिए हम डाटा टाइप का प्रयोग करते हैं। वेरिएबल में हम किसी भी डाटा टाइप की वैल्यू को स्टोर कर सकते हैं । PHP विभिन प्रकार के डाटा टाइप को Support करती हैं जो की निम्लिखित हैं।

  1. String
  2. Integer
  3. Float (Floating point numbers )
  4. Boolean (True or False)
  5. Array
  6. Object
  7. Null
  8. Resource


String Data Type:- String Characters का Collection होता हैं । एक String विभिन तरह के Characters से बनी हो सकती हैं। String में नंबर नहीं आते हैं। जो डाटा टाइप बिना नंबर के Word में उपयोग की जाती हैं उसे ही String Data Type कहाँ जाता हैं। String को quotes के अंदर लिखी जाती हैं। चलिए PHP स्ट्रिंग Data Type का एक प्रोग्राम करते हैं जिस से आपको आसानी से PHP String डाटा टाइप समझ में आ सके।

Example के लिए:-

<?php
$x=”Hello I am learning PHP”;
$y=’Learn PHP’;
echo $x;
echo “<br>”;
echo $y;
?>
इस तरह से आप किसी भी String को Single (”)और Double quotes (“”) में PHP में Use कर सकते हैं।

Integer Data Type in PHP:- PHP Integer डाटा टाइप Non-Decimal नंबर होते हैं। Non-Decimal का मतलब होता हैं जिन Numbers में कभी दशमलव नहीं आती हैं । Integer डाटा टाइप Positive और Negative भी हो सकते हैं।

Positive Integer का मतलब हैं = 4

Negative Integer का मतलब हैं = – 4

Integer डाटा टाइप में कम से कम एक Digit तो होती ही हैं। चलिए एक Example समझते हैं। निचे दिए गए Example में हम एक Variable में 12000 Value को Store कर देता हैं। जो की एक Integer वैल्यू हैं। 

उसके बाद एक फंक्शन var_dump() का यूज करते हैं। var_dump() फंक्शन हमे Data Type को दिखाता हैं की हम किस Type के Data को PHP में Use कर रहे हैं।

Example के लिए:-

<?php 
$num = 12000;
var_dump($num );
?>

Float Data Type:- Float डाटा टाइप Decimal नंबर होते हैं। Decimal नंबर का मतलब हैं जिनमे दशमलव आती हैं। PHP Float डाटा टाइप Floating Point नंबर के लिए Use किये जाते हैं। Floating Point का मतलब भी वो ही होता हैं जिन Numbers में दशमलव आती है। 

चलिए एक Example से समझते हैं निचे एक Variable में 20.14 Float डाटा टाइप को स्टोर करते हैं। उसके बाद var_dump() Function आपको डाटा टाइप बता देता हैं की ये कोन-सा डाटा टाइप हैं।

Example के लिए:-

<?php 
$num = 20.44;
var_dump($num);
?>

Boolean Data Type:- Boolean Data Type का दो स्टेट्स को Represent करता हैं या तो True या False. Boolean से मतलब True, False से ही होता हैं जिसमे या तो Value True होती हैं या False. PHP में Decision Time में बूलियन का बहुत Use किया जाता हैं। 

चलिए एक Example क्रिएट करते हैं। इस Example में 2 Variable हैं और एक If Condition। Condition True भी हो सकती हैं या False भी।

Example के लिए:-

<?php 
$x=30;
$y=20;
if($x>$y)
{
echo “X is true greater”;
}
else
{
echo “y is true greater”;
}
0
?>

Array :- Array समान डेटा Items का एक Collection है। Array का Use बहुत सारे डाटा Values को एक वेरिएबल में स्टोर करने में किया जाता हैं। Array के अंदर हम Multiple डाटा को आसानी से Store कर Use कर सकते हैं। चलिए एक Example क्रिएट करते है जिस से Array डाटा टाइप आपको अच्छे से समझ आजायेगा। ऐरे के अंदर हम कितने भी Item स्टोर करके रख सकते हैं। 

निचे दिए Example में हम एक Fruits नाम से वेरिएबल क्रिएट करते हैं जो की Array के नाम से या Array के वेरिएबल के नाम से जाना जाता हैं । इस Array में हम Fruits के अलग अलग Items स्टोर कर देते हैं। var_dump() फंक्शन की हेल्प से हम ऐरे का Structure और इंडेक्स नंबर देख सकते हैं।

Example के लिए:-

<?php 
$fruits = array(“Banana”,”apple”,”orange”);
var_dump($fruits);
?>

PHP Object Data Type:- Object एक प्रकार का डेटा है जो की डाटा और इनफार्मेशन को स्टोर करके रखता हैं जिसके द्वारा फंक्शन की Functionality को Access किया जा सकता हैं। PHP में, Object को स्पष्ट रूप से Declare किया जाना चाहिए। तब ही आप उस Object का उपयोग करके आसानी से फंक्शन की फंक्शनलिटी एक्सेस कर सकते हैं। क्लास एक Structure होती हैं जो की Properties और Methods को Contain करके रखती हैं। 

दूसरे शब्दों में, एक क्लास फंक्शन और मेथड्स का एक संग्रह है निचे दिए गए PHP Example में एक Class Laptop हैं और Class के अंदर एक Function Laptop. इसमें हम एक Object क्रिएट करते हैं। Object की मदत से ही हम फंक्शन की Functionality को Use कर सकते हैं।

Example के लिए:-

<?php
class Laptop {
function Laptop() {
$this->model = “inspiron”;
}
}

// create an new object
$b = new Laptop ();

// Show all properties 
echo $b->model;
?>

Null Data Type:- Null Variable एक तरह का वेरिएबल होता हैं जिसे कोई Value नहीं दी जाती। Null एक स्पेशल डाटा टाइप हैं जिसकी केवल एक ही Value होती हैं।

Example के लिए:-

<?php
$num = “Hello we are testing .”;
$num = null;
var_dump($num);
?>

PHP Resource Data Type:- PHP विभिन्न प्रकार के डेटा जैसे Integer, Double, String और आदि से संबंधित है। Resource भी PHP डेटा प्रकारों की सूची में आते हैं। लेकिन, अन्य डेटा प्रकारों के विपरीत, Resource Identifiers Third Party External Application प्रदान किए गए Resource डेटा तक पहुंचने के लिए एक reference या Identifier संदर्भ के रूप में कार्य करते हैं।

PHP संस्करण का इतिहास

  1. PHP 1. 0 (8 June 1995)
  2. PHP 2.0 (1 November 1997)
  3. PHP 3.0 (6 June 1998)
  4. PHP 4.0 (22 May 2000)
  5. PHP 4.1 (10 December 2001)
  6. PHP 4.2 (22 April 2002)
  7. PHP 4.3 (27 December 2002)
  8. PHP 4.4 (11 July 2005)
  9. PHP 5.0 (13 July 2004)
  10. PHP 5.1 (24 November 2005)
  11. PHP 5.2 (2 November 2006)
  12. PHP 5.3 (30 June 2009)
  13. PHP 5.4 (1 March 2012)
  14. PHP 5.5 (20 June 2013)
  15. PHP 5.6 (28 August 2014)
  16. PHP 6.x (Not released)
  17. PHP 7.0 (3 December 2015)
  18. PHP 7.1 (1 December 2016)
  19. PHP 7.2 (30 November 2017)
  20. PHP 7.3 (12 December 2018)

PHP की विशेषताए

  1. PHP को Html के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है।
  2. PHP के द्वारा हम फाइल को अच्छी तरह से Open, Create, Read और Write भी कर सकते है।
  3. आप इसमें कुछ Pages को Restrict भी कर सकते हो।
  4. Execute हो जाने के बाद PHP Code Html के रूप में Show होता है।
  5. डाटाबेस में जो भी Element होते है उसे PHP के द्वारा Modify, Delete, Edit किया जा सकता है।


HTML क्या है? कैसे सीखे?

PHP की मूल विशेषता विभिन्‍न प्रकार की जरूरतों को पूरा करने के लिए इसमें Include की गई विभिन्‍न प्रकार की Core Libraries हैं जिसमें 1000 से ज्‍यादा उपयोगी Functions हैं, जो विभिन्‍न प्रकार की Real Life जरूरतों को आसानी से पूरा करने के लिए Define किए गए हैं।
इस Core Library Functions पर जितनी अच्‍छी पकड होती है, PHP पर भी उतनी ही अच्‍छी पकड होती है. यानी आप PHP के इन Core Functions को जितना अच्‍छी तरह से उपयोग में लेना सीखते हैं, आप उतने ही अच्‍छे PHP Programmer बनते हैं।
PHP एक बहुत ही सरल व General Purpose Scripting Language है जो कि लगभग 70% “C” Language व बाकी का 30% “C++” व “Java” Programming Language की तरह है।
इसलिए यदि आप “C”, “C++” व “Java” में से एक या एक से ज्‍यादा Programming Languages जानते हैं, तो आप बडी ही आसानी से PHP को सीख सकते हैं और इसे उपयोग में लेते हुए Dynamic Website या Web Application Create कर सकते हैं।
First PHP Program:- “Hello World”
<!DOCTYPE html>
<html>
<body>
<h1>My first PHP page</h1>
<?php
echo “Hello World!”;
?> 
</body>
</html>

Output:-
My First PHP Page
Hello World!
वेब सर्वर हमारी PHP फ़ाइलों और स्क्रिप्ट को पहचाने उसके लिए, हमें फ़ाइल को “.php” एक्सटेंशन से सेव (Save) करना होता है। पुराने PHP फ़ाइल एक्सटेंशन निम्नलिखित हैं।
  1. .phtml
  2. .php3
  3. .php4
  4. .php5
  5. .phps
PHP को HTML के साथ काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, और इस तरह, इसे HTML कोड में एम्बेड किया जा सकता है।
Note:- आप किसी भी HTML Tags के बिना PHP फाइलें बना सकते हैं और इसे प्योर PHP फ़ाइल (Pure PHP File) कहा जाता है।


PHP का उपयोग

PHP स्क्रिप्ट का उपयोग लिनक्स, यूनिक्स, सोलारिस, माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, मैक ओएस और कई अन्य प्रसिद्ध ऑपरेटिंग सिस्टमों पर किया जा सकता है। यह Apache और IIS सहित अधिकांश वेब सर्वरों का भी समर्थन करता है। PHP का उपयोग वेब डेवलपर्स को अपने ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब सर्वर को चुनने की स्वतंत्रता देता है।
  1. Dynamic Website या Web Application बनाया जा सकता है।
  2. वेबसाइट को डेटाबेस से Connect कर सकते हैं।
  3. PHP के जरिये Database में Data Insert, Update या Delete किया जा सकता है।
  4. User Login System बनाया जा सकता है। 
  5. PHP के जरिये आप यह तय कर सकते हैं की कौन सा User कौन से Page को Access कर सकता है।


PHP क्या कर सकता है?

PHP एक Server Side Scripting Language है। जिसका प्रयोग Dynamic Page तैयार करने के लिए किया जाता है। इसके द्वारा किसी Server पर Files को Open, Read, Write, Delete और Close कर सकते है। PHP आपके Database में Data को Add, Delete, और Modify भी कर सकता है। PHP के साथ आप Html को आसानी से Embedded कर सकते है।
PHP से सभी CGI Program कर सकते है। CGI प्रोग्राम CGI Specification के अनुरूप Data Accept करने और Return करने के लिए बनाया गया एक प्रोग्राम है। इसकी मदद से आप Form Data Collect कर सकते है। Dynamic Page Content बना सकते है और Cookies Send और Receive कर सकते है।


PHP कैसे काम करता है?

PHP Software वेब सर्वर के साथ काम करता है। यह सॉफ्टवेयर वेब पेज को किसी यूजर तक पहुचाता है।
उदाहरण के लिए जब आप अपने Web Browser के Search Bar में किसी Website का URL Type करते है, तो आप उस URL को Enter करके Web Server पर एक मैसेज भेजते हैं कि Web Server वह Website आपके Browser में दिखाए।
Massage Read करते ही Web Server उस Website की Html File आपके Browser पर भेज देता है। आपका Browser Html File पढता है और Website के Web Page को आपके सामने प्रदर्शित करता है। अब आपके मन मे एक सवाल होगा कि PHP का यहाँ क्या काम होता है। यहां PHP एक Interface का काम करता है।Interface से मतलब है कि वह Server में भेजी गयी Request को Machine Language में बदल देता है। 
जब कभी Server के पास किसी File की Request आती है तो PHP Interpreter उस Code को Convert करके Database में Access करता है और वहां से File को उठाकर Server तक भेज देता है । जिसके बाद Server उस File को User तक पहुचाता है।


PHP कैसे सीखें?

PHP इन्टरनेट पर सबसे ज्यादा उपयोग होने वाली Programming Language है। PHP की मदद से Powerful Website बना सकते है। PHP सीखने में ज्यादा कठिन नही है। बस PHP सीखने के लिए थोड़ा समय देना होगा। PHP सीखने के लिए नीचे बताये गए Steps को फॉलो करे।
सबसे पहले PHP सीखने के लिये Web Server इनस्टॉल करें। इसके जरिये आप जितना भी काम करेंगे वह सब डाटा आपका इस Server पर Store रहेगा। आपको Free Web Server व Paid Web Server दोनों ही Internet पर मिल जाएंगे।


PHP को ऑफलाइन कैसे सीखें?

Install Notepad ++ :- PHP Code लिखने या PHP script बनाने के लिए आपको कुछ टूल्स की आवश्यकता पड़ती हैं इसीलिए web server install करने के बाद PHP code लिखने के लिए Notepad++ भी download कर ले।
Search for Resources to Learn PHP :- PHP सीखने के कई तरीके है, जैसे – Online Courses, PHP Books, PHP Learning Websites, Youtube, PHP Apps और PHP Classes और PHP Blogs जैसे Tech Academy Pro इन सभी तरीको से आप PHP सीख सकते हैं। Internet पर कई Websites है जो PHP की Information Free में Share करती है। जैसे:- Code Course, PHP Manual, Killer PHP, W3school आदि।


PHP के लक्षण

जैसा कि हमने PHP के परिचय पर चर्चा की है अब हम अजगर की विशेषताओं के बारे में जानने जा रहे हैं जो नीचे दिए गए हैं:-
  1. यह सरल और प्रयोग करने में आसान है।
  2. यह कुशल है और डेटाबेस को जोड़ने और एप्लिकेशन को तेज़ी से लोड करने में सक्षम है।
  3. यह PHP फ्रेमवर्क का उपयोग करने की मदद से वेब एप्लिकेशन को अधिक सुरक्षा प्रदान करता है।
  4. यह डेवलपर्स के लिए अधिक परिचित है और शुरुआती के लिए ऑनलाइन समर्थन प्रदान किया जा रहा है।
  5. यह एक और प्रोग्रामिंग भाषा के साथ एकीकृत होने के लिए लचीलापन और क्षमता दिखाता है।
  6. यह खुला स्रोत है और मुफ्त है।
  7. यह वेब एप्लिकेशन को विकसित करने के लिए उपयोग करने के लिए हल्का और उपलब्ध फ्रेमवर्क है।
  8. यह वेब एप्लिकेशन के विकास को जल्दी से प्राप्त करने में मदद करता है।


PHP के आधार पर Application 

सभी डोमेन में वेब-आधारित और अन्य एप्लिकेशन विकसित करने में PHP का व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है। कुछ ऐसी तकनीक के लिए जिनके आधार पर PHP एप्लिकेशन को नीचे सूचीबद्ध किया गया है:-
  1. Content Management System.
  2. Web-based applications and development of web pages.
  3. E-commerce websites and applications.
  4. Data Analytics and Representation
  5. Processing of Images.
  6. Graphical User interface design based applications.
  7. Developing the features of Flash
  8. Graphic designing.
  9. Small enterprise applications.
  10. School and college websites.
  11. Conversion of files into other.
  12. Small video games.


PHP के फायदे

  1. PHP सभी प्लेटफार्मों पर चल सकता हैं जैसे Solaris, UNIX, Windows और Linux शामिल हैं। उल्लेखित प्लेटफार्मों का उपयोग PHP में कोड लिखने और वेब पेज देखने या PHP आधारित एप्लिकेशन चलाने के लिए किया जा सकता है।
  2. PHP आसानी से MySQL और Apache दोनों के साथ इंटरफेस करती है।
  3. PHP के द्वारा कई बड़ी E-commerce Websites Developed (Amazon) की गई है। इन Websites के पास अच्छा database होता है। जिसके कारण इन Websites को एक Good Database Management System की जरूरत होती है। इसके लिए PHP में एक Build-in-Module होता है। जो आसानी से Database में Connect करने में मदद करता है।
  4. अन्य Programming Language के मुकाबले PHP इस्तेमाल करने में काफी आसान है।
  5. नए यूजर को PHP सीखने के लिये किसी गहन अध्ययन की आवश्यकता नही है। PHP Command Functions आसानी से समझ मे आ जाते है। आप कमांड के नाम से ही पता लगा सकते है कि यह क्या करता है।
  6. PHP एक Open Source Programming Language है। इसीलिए PHP आसानी से उपलब्ध है और पूरी तरह से free है। बाकी Scripting language में कुछ Support Files के लिए Pay करना पड़ता है। आप PHP को किसी भी समय कही भी Use कर सकते है।
  7. PHP को पहले “पर्सनल होम पेज” नामक एक सरल स्क्रिप्टिंग प्लेटफ़ॉर्म के रूप में बनाया गया था। आजकल PHP Microsoft के एक्टिव सर्वर पेज (ASP) तकनीक का एक विकल्प है।
  8. PHP एक ओपन सोर्स सर्वर-साइड भाषा है जिसका उपयोग डायनामिक वेब पेज बनाने के लिए किया जाता है। इसे HTML में एम्बेड किया जा सकता है। PHP आमतौर पर लिनक्स / यूनिक्स वेब सर्वर पर एक MySQL डेटाबेस के साथ संयोजन में उपयोग किया जाता है। यह शायद सबसे लोकप्रिय स्क्रिप्टिंग भाषा है।
  9. PHP एक व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली General-Purpose-Scripting-Language और Interpreter है जो स्वतंत्र रूप से उपलब्ध है।


PHP के नुकसान

  1. PHP बड़े वेब अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त नहीं है इसे बनाए रखना मुश्किल है क्योंकि यह बहुत मॉड्यूलर नहीं है। इससे बड़े वेब एप्लीकेशन्स को मैनेज करना मुश्किल हो जाता है।
  2. PHP फ्रेमवर्क में एक एरर हैंडलिंग मेथड (Error Handling Method) है। यह PHP डेवलपर के लिए उचित समाधान नहीं है, इसलिए यह PHP डेवलपर के साथ एक समस्या है।
  3. यह अपने खुले स्रोत के कारण सुरक्षित नहीं है, क्योंकि स्रोत कोड आसानी से उपलब्ध हो सकता है।
  4. यह बड़ी सामग्री-आधारित वेब अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त नहीं है।
  5. इसका एक कमजोर प्रकार है, जिससे उपयोगकर्ता को गलत डेटा और जानकारी प्राप्त हो सकती है।
  6. PHP फ्रेमवर्क अतिरिक्त कोड लिखने से बचने के लिए PHP अंतर्निहित कार्यक्षमता का उपयोग करने के लिए सीखने की जरूरत है।
  7. PHP ढांचे और 
  8. की अधिक सुविधाओं का उपयोग करने से वेब अनुप्रयोगों का प्रदर्शन खराब होता है।
  9. PHP वेब अनुप्रयोगों के मूल व्यवहार में परिवर्तन या संशोधन की अनुमति नहीं देता है।
  10. PHP फ्रेमवर्क व्यवहार में समान नहीं हैं इसलिए उनका प्रदर्शन और विशेषताएं हैं।


सरल शब्दों में सारांश

  1. PHP को पहले “पर्सनल होम पेज” नामक एक सरल स्क्रिप्टिंग प्लेटफ़ॉर्म के रूप में बनाया गया था।
  2. PHP एक ओपन सोर्स सर्वर-साइड भाषा है जिसका उपयोग डायनामिक वेब पेज बनाने के लिए किया जाता है।
  3. PHP को 1994 में Rasmus Lerdorf द्वारा बनाया गया था।
  4. PHP स्क्रिप्ट का उपयोग लिनक्स, यूनिक्स, सोलारिस, माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, मैक ओएस और कई अन्य प्रसिद्ध ऑपरेटिंग सिस्टमों पर किया जा सकता है।
  5. PHP Software वेब सर्वर के साथ काम करता है। यह सॉफ्टवेयर वेब पेज को किसी यूजर तक पहुचाता है।
  6. 1997 में PHP 3.0 जारी किया गया जो PHP का First Version था।

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