Computer Maintenance किस प्रकार किया जाता हैं?

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How to Maintained Computer Proparly in Hindi?


COMPUTER MAINTENANCE
COMPUTER MAINTENANCE

कम्प्यूटर,आज की जरूरत बन गया है,जो भी इंटनेटर यूजर्स इस समय यह पोस्‍ट पढ रहे हैं, वह कंप्यूटर का उपयोग जरूर कर रहे होगें और अपनी जरूरत के अनुसार कंप्यूटर का प्रयोग भी करते होगें। लेकिन अक्‍सर कार्य की अधिकता और व्‍यस्‍तता के कारण हम कंप्यूटर का मेंटेनेंस करना भूल ही जाते हैं। अगर आप लम्‍बे समय तक अपने अपने कंप्यूटर और उपकरण को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो आपको कुछ चीजों का ध्‍यान रखना होगा, इसके लिये अगर महीने में एक दिन का शैड्यूल बनाया जाये तो बहुत अच्‍छा होगा –  

ऑपरेटिंग सिस्टम रखरखाव और सुरक्षा

आपरेटिंग सिस्‍टम, यूजर्स और हार्डवेयर के बीच एक पुल का कार्य करता है, इसी की वजह से आप आसानी से अपने कम्‍प्‍यूटर को चला पाते है और मनचाहा कार्य कर पाते है, आज के समय लोकप्रिय आपरेटिंग सिस्‍टम को आप विण्‍डोज 10 के नाम से जानते है, इसकी सुरक्षा और रखरखाव भी बहुत जरूरी है –

  1. सबसे पहले अच्‍छे पासवर्ड का यूज करें, जिससे आपके पीछे आपके कंम्‍प्‍यूटर से छेडछाड ना की जा सके। इसलिये अपने कम्‍प्‍यूटर पर पासवर्ड लगायें। 
  2. अच्‍छी Performance लेनी है, तो गैर जरूरी Software ना डालें, केवल काम के ही Software का प्रयोग करें। 
  3. अगर आप Internet प्रयोग करते हैं, तो लैपटॉप में एक अच्‍छा Anti-Virus डालकर रखें, जिससे वह Virus से सुरक्षित रह सके। अगर आप Professional काम करते हैं, तो फ्री Anti-Virus ना डालें, यह अच्‍छे प्रकार से काम नहीं करते हैं।
  4. समय-समय पर विण्‍डोज को अपडेट करते रहें। 
  5. लाइट जाने पर कम्‍प्‍यूटर को सीधे बन्‍द करने से बचें, शटडाउन या समय बचाने के लिये हाइबरनेट का यूज करें। 

हार्डवेयर रखरखाव और सुरक्षा 

हार्डवेयर कंप्यूटर का मुख्‍य भाग बाहरी भाग होता है, इसके लिये इसका रखरखाव भी जरूरी होता है:-

Key Board:- जैसा कि आप जानते हैं की-बोर्ड का प्रयोग आप टाइपिंग के लिये करते हैं, काम करते समय कभी पानी का गिलास या चाय/काफी का कप या किसी भी प्रकार का तरल पदार्थ इसके पास न रखें अगर गलती से भी वह की-बोर्ड के ऊपर गिर गया तो उसे खराब कर सकता है। इसके अलावा धूल-गंदगी से भी की-बोर्ड खराब हाे जाता है, धूल जाने से बटन जाम हो जाते है इसलिये समय-समय पर एक ब्रश लेकर इसकी सफाई भी करते रहें। 

LED:- एलईडी या मोनीटर इसकाे साफ करने के लिये पानी का प्रयोग न करें, इसके लिये उपकरणों की सफाई करने वाले कैमीकल का यूज करें, पानी इसके लिये नुकसान दायक हो सकता है। 

DVD Writer:- डीवीडी राइटर में कभी भी नकली या  स्‍क्रैच सीडी और डीवीडी ना डालें। 

CPU:- सीपीयू की सफाई के लिये ब्लोअर का प्रयोग करें, पहले सप्‍लाई को पूरी तरह से बंद करें, उसके बाद ढक्‍कन खोल कर ब्लोअर की हवा से साफ करें, इससे सीपीयू की सारी धूल निकल जायेगी, ध्‍यान रखें की कोई तार या केबल ढीली न लगी हो। 

UPS:- अक्‍सर कुछ यूजर्स लेजर प्रिंटर को अपने यूपीएस से सीधे जोड देते हैं और लाइट जाने पर लेजर प्रिंटर को लोड सीधे यूपीएस पर आ जाता है, इससे आपको यूपीएस ख़राब हो सकता है, इसलिये ऐसा ना करें। 

सॉफ्टवेयर रखरखाब और सुरक्षा 

सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस उस सॉफ्टवेयर को मॉडिफाई करने की प्रक्रिया है जिसे कस्टमर को यूज़ करने के लिए दे दिया गया हो.सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस का मुख्य उद्देश्य सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन की डिलीवरी के बाद उसे मॉडिफाई और अपडेट करना होता है जिससे कि सॉफ्टवेयर के फाल्ट को करेक्ट किया जा सके और परफॉरमेंस को बेहतर बनाया जा सके. सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस जो है वह सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल (SDLC) का भाग होता है। 

सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस के प्रकार

Corrective Maintenance:- इसमें उन bugs को fix किया जाता है जो users के द्वारा खोजे जाते है अर्थात् सॉफ्टवेयर को प्रयोग करते समय आने वाली problems को इसमें ठीक किया जाता है. और software की performance को भी बढाया जाता है।

Adaptive Maintenance:- इसमें सॉफ्टवेयर को update तथा modify तब किया जाता है जब सॉफ्टवेयर को किसी नए platform, या operating system में run करने की जरूरत पड़ती है. अर्थात इस maintenance में software को up to date रखा जाता है।

Perfective Maintenance:- इसमें सॉफ्टवेयर को लम्बे समय तक use करने लायक बनाने के लिए software को update तथा modify किया जाता है. इसमें user की आवश्यकता के आधार पर नए features को add किया जाता है. जिससे कि reliability और functionality को बेहतर किया जा सके।

Preventive Maintenance:- इसमें सॉफ्टवेयर को भविष्य में fail होने से बचाने के लिए update और modify किया जाता है. इसमें उन problems पर ध्यान दिया जाता है जो वर्तमान में उपस्थित नहीं होती है परन्तु भविष्य में घटित हो सकती है. इसमें reengineering & reverse engineering का concept सम्मिलित होता है।

कंप्यूटर की सफाई

  1. साफ-सफाई करने से पहले कंप्यूटर को ऑफ कर लें।
  2. कंप्यूटर की बाहरी सफाई के लिये कॉलीन जैसे किसी स्प्रे का इस्तेमाल करें, पानी कभी भी इस्तेमाल न करें, पानी आपके मॅहगे कंप्यूटर काे खराब कर सकता है।
  3. धूल इसे काफी नुकसान पहुॅचाती है, इसके लिये आप वैक्यूम क्लीनर (Vacuum cleaner) का प्रयोग करें, अगर वैक्यूम क्लीनर नहीं है तो आप (air blower) का इस्तेमाल करें,Air blower 300 से 1000 रुपये तक आता है लेकिन आपके गैजेट्स को साफ और सिक्योर रखता है।
  4. इसके अलावा बिना बिजली के साफ करने वाला एक और गैजेट है, वह है कॉप्रेस्ड-एयर-कैन (compressed air can) इसे अाप किसी ऐसे जगह भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जहॉ बिजली की व्यवस्था नहीं है।
  5. कंप्यूटर में जमी धूल बहुत बारीक होती है इसलिये साफ करने से पहले अपनी सुरक्षा के लिए किसी कपड़े से मुंह को अच्छी तरह से ढक लें।
  6. कंप्यूटर कैबिनेट (computer cabinet) को बाहर से साफ करने के लिये कॉटन के कपडें का इस्तेमाल करें।
  7. SMPS fan और CPU Fan पर जमी धूल को जरूर साफ करें, धूल जमने से इसका पंखा जाम हो सकता है, कई कंप्यूटरों में चलते-चलते अचानक बंद होने की समस्या आती है, यह SMPS fan और CPU Fan जाम होने से भी यह हाेता है। 

मेंटेनेंस की आवश्यकता क्यों होती है?

  1. Errors या faults को correct करने के लिए।
  2. Design को बेहतर बनाने के लिए।
  3. Enhancements को implement करने के लिए।
  4. System की दक्षता को improve करने के लिए।
  5. Code को optimize करने के लिए, जिससे कि कोड तेजी से run हो सके।
  6. Components को modify करने के लिए।
  7. अनचाहे side effects को कम करने के लिए।
  8. Hardware और software की जरूरतों को change करने के लिए।


सिस्टम समस्या निवारण

एक संक्षिप्त जानकरी जिससे आप सबसे आम कंप्यूटर प्राब्‍लेम्‍स को खुद हल कर सकते हैं चाहे आप घर पर या कार्यालय में कंप्यूटर पर काम कर रहे हो, पीसी प्रॉब्लम्स को ट्रबलशूट करना रोजमर्रा की जिंदगी का एक हिस्सा हो गया हैं। भले ही आपको लगता है कि आपका सिस्टम स्‍टेबल और सिक्युर है, लेकिन पीसी की हजारों प्रॉब्लम्स हो सकती हैं, जैसे हार्डवेयर फेल होना, विभिन्न एरर मैसेजेस, मलिशस सॉफ़्टवेयर या कई बार तो सिर्फ एक केबल लुज होती हैं:-

Slow computer:- यह सभी युजर्स की सबसे आम प्रॉब्लम है। आपको वह समय याद होगा जब आपने अपना पीसी खरीदा था तब वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे रहा था। लेकिन समय के साथ, पीसी की गति कम हो सकती है।और यह बूट होने के लिए अधिक समय लेना, फाइल या फोल्डर ओपन करने के लिए, इंटरनेट सर्फिंग करने के लिए जादा समय लगाना, युजर के ऐक्शन को प्रतिक्रिया करने मे देरी लगाना और कुछ अन्य टास्क के रुप मे प्रतीत होता है। तथापि कुछ बातें है जो आप कंप्यूटर की स्‍पीड बढ़ाने के लिए कर सकते है।

कंप्यूटर शुरू होता है, लेकिन मॉनिटर अवशेष खाली रहता है (Computer Starts but Monitor Remains Blank)-दुसरे मामले में कंप्यूटर शुरू होता है और लाईट और फैन तो ऑन होते हैं, लेकिन स्क्रीन ब्‍लैंक होती हैं और पीसी बुट भी नही होता।

The computer won’t turn on:- कई बार आप पावर बटन प्रेस करते हैं और कुछ नहीं होता और सच में यह किसी भी युजर के लिए एक बुरे सपने कि तरह हैं| ऐसे समय दो स्थिति हो सकती हैं-

कंप्यूटर प्रकाश नहीं दिखाता है

अगर आपका कंप्‍यूटर ऑन नही हो रहा हैं और कंम्‍यूटर कैबिनेट के सामने का कोई लाइट ऑन नहीं हो रहा हैं, इसके साथ ही फैन भी रन नही हो रहा हैं तो निश्चित रूप से यहाँ कोई एक कॉर्ड ढीली है या पीसी का पावर सप्‍लाई डेड हो चुका हैं।

स्‍टेप 1:- सबसे पहले सुनिश्चित करें कि सभी प्लग उनकी सॉकेट मे मजबूती में हैं।

स्‍टेप 2:- पावर कॉर्ड को ब्रेक या डैमेज के लिए चेक करें| अगर डैमेज हैं तो इन्‍हे बदल दें।

स्‍टेप 3:- अगर दोनों ठीक हैं, तो समस्या बिजली की आपूर्ति में हो सकती है। पीसी के पावर सप्‍लाई (SMPS) को चेक करें।


मदरबोर्ड में फिट रैम

स्‍टेप 1:- पीसी के बीप साउंड को सुने, अगर पीसी लगातार बीप साउंड दे रहा हैं तो शायद पीसी के अंदर कि रैम लूज हो सकती हैं.रैम को निकालें और इसे फिर से मदरबोर्ड में प्रेस कर फिट करें।अगर रैम ओके हैं तो वीडियो या ग्राफिक कार्ड को चेक करें।

स्‍टेप 2:- अगर उपर के स्‍टेप्‍स से प्राब्‍लेम्‍स का समाधान नहीं होता हैं ब्‍लैंक मॉनिटर के लिए ट्रबलशूट करें।कंम्‍यूटर को दुसरा मॉनिटर कनेक्‍ट करे जिससे प्राब्‍लम किस डिवाइस में है यह समझ मे आ जाएगा।

स्‍टेप 3:- वीडियो केबल और वीडियो कनेक्टर्स को चेक करें।वीडियो केबल ब्रेक है तो इसे बदल दें। वीडियो कनेक्‍टर्स कि पिन सीधी या टेढ़ी है इसे चेक करें, अगर काई पीन टेढ़ी हैं तो इन्‍हे सीधा करें।

स्‍टेप 4:- BIOS को रीसेट या अपडेट करें।

Blue Dead Screen:- आमतौर पर ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ (या BSOD) एक ब्लू स्क्रीन एरर मैसेज हैं जो सिस्‍टम क्रैश के बाद डिस्प्ले होता हैं. यह कंम्‍यूटर का सब से बुरा एरर टाइप हैं और जब यह एरर मैसेज आता है तो बहुत निराशा का अनुभव हो सकता है। यह एरर विंडोज 3.0 और 3.1 से आज के लेटेस्‍ट वर्जन तक सभी में होता हैं. ब्लू स्क्रीन एरर मैसेज को डेथ इसलिए कहा जाता हैं क्‍योकि आपका कंम्‍यूटर लगभग फ्रीज हो जाता हैं और कुछ बार ही सिस्‍टम रिबूट के बाद नार्मल मोड मे शुरू होता हैं.आपके कंप्यूटर मे ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ आने के कई संभावित कारण हैं। यहाँ कुछ स्‍टेप है जिनकी  कोशिश आप कर सकते हैं।

स्‍टेप 1:- आम तौर पर विंडोज अपडेट के दौरान ब्लू स्क्रीन एरर मैसेज आता हैं. अगर विंडोज अपडेट के समय यह मैसेज आए तो पिछले वर्जन में जांए।

स्‍टेप 2:- कई बार वायरस विंडोज फ़ाइलों को करप्‍ट कर सकते हैं जिससे विंडो यह एरर मैसेज दिखाता हैं. वायरस और मैलवेयर के लिए स्‍कैन करें।

स्‍टेप 3:- अगर पीसी का युज करते समय यह एरर आता है तो पीसी का काई हार्डवेयर जैसे रैम खराब हो सकता हैं.कभी कभी पीसी को कनेक्‍ट नया हार्डवेयर भी इसका कारण हो सकता हैं. अगर आपने हाल ही में पीसी को काई नया हार्डवेयर कनेक्‍ट किया है तो इसे रीमूव कर पीसी ऑन करके देखें।

स्‍टेप 4:- अगर आने पीसी में कोई भी सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर चेंजेस या मॉडिफिकेशन किया है या कोई नया सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर इंस्‍टॉल किया है जिसके बाद ब्‍लू स्‍क्रीन का एरर आ रहा हैं तो इन्‍हे रिमूव करें।

स्‍टेप 5:- अगर आपके पीसी पर हाल ही में ब्‍लू स्‍क्रीन का एरर आ रहा है, तो कंप्‍यूटर को रिस्‍टार्ट करें और advanced options मेनू के लिए ‘F8’ कि प्रेस करते रहें। फिर ‘last known good configuration’ को सिलेक्‍ट करें।अगर यह काम नही करता है, तो System Restore करें।

स्‍टेप 4:- कई बार विंडोज या सभी Device Driver को अपडेट करने से ब्‍लू स्‍क्रीन का एरर चला जाता हैं।

Computer hangs or freezes:- यह भी पीसी का एक कॉमन प्राब्‍लम है। कई बार तो पीसी की अपर्याप्त रैम के कारण यह होता है। तो सबसे पहले इसकी जाँच करें कि आपके पीसी में पर्याप्त रैम है। जब आपका कोई रिस्पांस नही दे रहा है तो निचें के स्‍टेप्‍स का फालो करें:-

Startup:- पीसी स्टार्टअप पर हैंग होने के सबसे आम कारण हैं अगर कोई एक्‍सटर्नल डिवाइस पीसी से कनेक्‍ट हैं तो उसे डिसकनेक्‍ट कर पीसी को स्‍टार्ट करके देंखे। पीसी के फर्मवेयर और डिवाइस ड्राइवर को अपडेट करना आपकी सबसे पहली एक्‍शन होनी चाहिए। कई बार यह अपडेट पीसी हैंग कि समस्‍या हो हल करता हैं. अगर आपने हाल ही में पीसी मे काई चेंज किया है, जिसके बाद पीसी हैंग हो रहा हैं, तो इस प्राब्‍लेम को हल करने के लिए System Restore का युज करें।

Random Hang:- अगर आपका पीसी रैंडमली हैंग हो रहा हैं, तो यह डैमेज सिस्‍टम फ़ाइलें, सॉफ्टवेयर कम्पेटिबिलिटी या डैमेज रजिस्‍ट्री के कारण हो सकता हैं. System Update Readiness tool, the Deployment Image Servicing and Management (DISM) tool, या System File Checker (SFC) का उपयोग कर आप सिस्‍टम फ़ाइलो को रिपेयर कर सकते हें. अगर आपने हाल ही में काई सॉफ्टवेयर या ड्राइवर इंस्‍टॉल किया हैं और इसके बाद पीसी हैंग हो रहा हें तो इस सॉफ्टवेयर या ड्राइवर को रीमूव करें। इसके साथ ही System Restore का उपयोग कर वर्किंग स्‍टेट पर पीसी को ला सकते हैं. अगर रजिस्‍ट्री डैमेज हो गयी है तो विंडोज को रिस्‍टोर करने के लिए सिस्‍टम रिस्‍टोर या रिफ्रेश करें।

Due to Hardware Issues:- यदि विंडोज शुरू करते समय Chkdsk रन हो रहा हैं तो यह हार्ड डिस्‍क फेल होने का संकेत हो सकता हैं. विंडोज को डिस्‍क को चेक करने दे ताकि वह फाइल रिस्‍टम एरर को रिपेयर कर सके, लेकिन इसमे काफी समय लग सकता हैं. हार्ड डिस्‍क को मैन्‍युअली चेक करने के लिए कमांड प्रॉम्‍प्‍ट युटिलिटी से Chkdsk रन करें। अगर इससे समस्‍या हल नही होती हैं तो हार्ड डिस्‍क बदलने का समय आ गया हैं।

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