जानिए Linux Operating System के बारे में सबकुछ – Linux Operating System in Hindi

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Linux Operating System

 

लिनक्स यूनिक्स जैसा एक प्रचालन तन्त्र है। यह ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर अथवा मुक्त स्रोत सॉफ्टवेयर का सबसे कामयाब तथा सबसे लोकप्रिय सॉफ्टवेयर है।

 

यह जीपीएल v 2 लाइसेंस के अन्तर्गत सर्व साधारण के उपयोग हेतु उपलब्ध है और इसका कुछ भाग यूनिक्स से प्रेरित है। मूलतः यह मिनिक्स का विकास कर बनाया गया है।

 

Linux Operating System का इतिहास 

ऑपरेटिंग सिस्टम की शुरूआत वर्ष 1991 में हुई उस समय Linux Torvalds  नामक छात्र ने अपने पर्सनल प्रोजेक्ट में फ्री ऑपरेटिंग सिस्टम Kernel  को तैयार किया। और Linux Kernel तब से लेकर अब तक निरंतर विकसित होता गया।

 

रोचक बात यह है कि उस समय उन्होंने इस प्रोग्राम को अपने कंप्यूटर के लिए तैयार किया था। और वह Unix 386 Intel कंप्यूटर खरीदना चाहते थे।

 

लेकिन Linux अपनी आर्थिक स्थति के कारण उस कंप्यूटर को खरीदने में असमर्थ थे। इस तरह उनके द्वारा एक छोटे से प्रोग्राम ने विश्व के समक्ष Linux kernel को पेश किया।

 

उस दौरान कंप्यूटर्स काफी बड़े साइज के होते थे तथा उनके ऑपरेटिंग सिस्टम भी भिन्न प्रकार के होते थे। आप समझ सकते हैं कि उन्हें ऑपरेट करना कितना मुश्किल होता होगा।

 

इसके साथ ही प्रत्येक सॉफ्टवेयर को अलग-अलग उद्देश्य से तैयार किया जाता था तथा उस सॉफ्टवेयर को प्रत्येक कंप्यूटर पर उपयोग करना संभव नहीं था ।

 

Linux की शुरुआत कैसे हुई?

Linux को Linus Torvalds ने सन 1991 में create किया था, जब वो एक university student थे University of Helsinki में. Torvalds ने Linux को एक free और Minix Os का open source alternative के तोर पर बनाया था, जो की एक दूसरा Unix clone था और जिसे मुख्य रूप से academic settings में इस्तमाल किया जाता था।

 

उन्होंने सबसे पहले इसका नाम “Freax” रखने का सोचा था लेकिन उस Server के administrator ने जिसे की Torvalds ने अपने Origonal code को distribute करने के लिए चुना थाm उसने उनकी directory का नाम “Linux” जो की एक combination था Torvalds’ के पहले नाम और Unix का. ये नाम सुनने में इतना अच्छा लगा की इसे बाद में और बदला नहीं गया।

 

Linux का Owner कौन है?

चूँकि Linux की licensing open source है, इसलिए Linux किसी के लिए भी freely available है। लेकिन फिर भी “Linux” नाम का trademark उसके creator, Linus Torvalds को ही जाता है।

 

Linux OS की source code का copyright बहुत से individual authors के नाम में जाता है, इसलिए इसे सामूहिक रूप से GPLv2 license के तहत रख दिया गया है।

 

क्यूंकि Linux के पीछे एक बहुत ही बड़े समूह का हाथ है जिन्होंने इसमें अपना योगदान दिया है और जिसे develop करने में बहुत साल लग गए।

 

ऐसे में उन्हें individually संपर्क करना भी possible नहीं है इसलिए Linux के license को GPLv2 के अंतर्गत शामिल कर दिया गया है जिसमें सबकी सहमति शामिल है।

 

Linux किसने बनाया ?

हालांकि Linux को डेवेलोप करने में developers की बहुत बड़ी community का हाथ है। लिनक्स की शुरुआत सबसे पहले Linus Torvalds ने की थी। इसीलिए Linus Torvalds को Linux का पिता भी कहा जाता है।
Linus Torvalds ने Linux की शुरूआत 1991 में किया था जब वे University of Helsinki स्टूडेंट थे। Linus Torvalds अभी एक Finnish-American सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।

 

 Linux Operating System का परिचय

लिनक्स दुनिया में उपयोग किए जाने वाले सबसे लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम में से एक है। लिनक्स, लिनक्स कर्नेल का उपयोग करके यूनिक्स जैसे कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के परिवार को संदर्भित करता है।

 

लिनक्स को विभिन्न प्रकार के कंप्यूटर हार्डवेयर पर संस्थापित किया जा सकता है, जिसमें मोबाइल फोन, टैबलेट कंप्यूटर और वीडियो गेम कंसोल से लेकर मेनफ्रेम और सुपर कंप्यूटर शामिल हैं।

 

यह एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है और GNU जनरल पब्लिक लाइसेंस के तहत लिनक्स कर्नेल जारी किया जाता है और इसलिए इसे स्वतंत्र रूप से संशोधित और वितरित किया जा सकता है।

 

लिनक्स वास्तव में सिर्फ एक कर्नेल है। कई लोगों ने एक साथ वितरण (जिन्हें अक्सर फ्लेवर्स कहा जाता है) किया है, जिसमें न केवल कर्नेल, बल्कि कई अन्य प्रोग्रामिंग टूल और उपयोगिताएं भी शामिल हैं।

 

कुछ प्रसिद्ध वितरण में Red Hat Linux, Ubuntu, SuSE Linux और Debian GNU / Linux शामिल हैं।

 

लिनक्स की वास्तविक शक्ति को इसके विस्तृत और सशक्त भंडारगृहों का उपयोग करके टैप किया जा सकता है जिन्हें टर्मिनल पर टाइप करने की आवश्यकता होती है।

 

इसके पीछे तथ्य यह है कि, यदि इसका स्रोत कोड नहीं है, तो लिनक्स अपनी बौद्धिक पैत्रिकी का पता यूनिक्स OS तक सांकेतिक कर सकता है।

 

GUI एनवायरनमेंट का सपना देखने से पहले यूनिक्स का विकास किया गया था। इस प्रकार, यूनिक्स (और बाद में लिनक्स) लचीले टेक्स्ट-मोड कमांड की एक विस्तृत सारणी प्रदान करता है।

 

इस ट्यूटोरियल श्रृंखला में, हम मुख्य रूप से फ़ाइलों, निर्देशिकाओं, प्रक्रियाओं आदि को संभालने के लिए लिनक्स कमांड की विस्तृत विविधता का उपयोग करने के तरीके पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

 

ये ट्यूटोरियल उबंटू संस्करण 10.04 और इसके बाद के संस्करण का उपयोग करके बनाए गए हैं। कृपया लिनक्स OS के संस्करणों को तय करने के लिए वेबसाइट पर व्यक्तिगत स्पोकन ट्यूटोरियल्स से संबंधित टेक्स्ट बॉक्स देखें, जिस पर यह लागू है।

 

लिनक्स के लिए स्पोकन ट्यूटोरियल में श्री अनिर्बान रॉय चौधरी का योगदान रहा है। स्क्रिप्ट और ट्यूटोरियल के निर्माण में मदद करने वाले अन्य योगदानकर्ताओं में शाहिद अली फारूकी, शंभुलिंगय्या, अनुषा कादंबला, अनुव्रत पाराशर, अभिजीत सुनील, प्रशांत शाह, नमिता मेनेजेस, बालासुब्रमण्यम एस.एन., गौरव शिंदे, प्रवीण एस., सचिन पाटिल, अश्विनी पाटिल, Desi Crew Solutions Pvt. Ltd. और नैन्सी वर्की शामिल हैं।

 

Linux Operating System क्या हैं ?

लिनक्स, UNIX operating System का एक बहुत ही popular version है। ये एक open source software है क्यूंकि इसकी source code internet में freely available है।

 

इसके साथ इसे आप बिलकुल से Free में इस्तमाल कर सकते हैं, कहने का मतलब है की ये पूरी तरह से free है।

 

Linux को UNIX की compatibility को नज़र में रखकर designed किया गया था। इसलिए इसकी functionality list प्राय UNIX से मिलती झूलती है।

 

Linux Os open source होने के कारण इसे developers अपने जरुरत के अनुसार customize कर सकते हैं। इसके साथ ये Computer के लिए बहुत ही reliable Operating system है।

 

किसी भी कंप्यूटर मशीन को चालू करने पर सॉफ्टवेयर के रूप में सबसे पहला कार्य ऑपरेटिंग सिस्टम का होता है।

 

ऑपरेटिंग सिस्टम स्वयं कंप्यूटर मेमोरी में लोड होने के बाद कंप्यूटर में उपलब्ध सूचनाओं तथा डेटा के आधार पर मैनेज कर आगे निर्देश देता है।

 

Unix ऑपरेटिंग सिस्टम का एक प्रकार Linux OS है। जिस प्रकार Windows तथा Mac ऑपरेटिंग सिस्टम होते हैं। उसी प्रकार Linux भी एक ऑपरेटिंग सिस्टम है।

 

यह एक फ्री तथा ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है। जिसका मतलब है एक यूजर इंटरनेट पर मुफ्त में लिंक्स कोडिंग को मॉडिफाई कर कमर्शियल तथा निजी उपयोग में ले सकता है। इसमें वे सॉफ्टवेयर होते हैं जो Linux Kernel पर आधारित हैं।

 

लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम को वास्तविक रूप से पर्सनल कंप्यूटर के लिए विकसित किया गया था।

 

लेकिन बाद में इस ऑपरेटिंग सिस्टम ने अनेक प्लेटफॉर्म मोबाइल, स्मार्ट टीवी, गेमिंग कंसोल यहाँ तक वाहनों में भी इसी ओपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है।

 

लिनक्स यूनिक्स ऑपरेटिंग सिस्टम की तरह ही मिलता-जुलता ओपरेटिंग सिस्टम है। इसके साथ ही इसका इस्तेमाल सर्वर तथा कंप्यूटर सिस्टम (मैनफ्रेम कम्प्युटर) डिवाइस में सबसे अधिक होता है।

 

आंकड़ों के अनुसार लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम एक मात्र OS है जिसे टॉप 500 सुपर कंप्यूटर में इस्तेमाल किया गया।

 

कुल डेस्कटॉप कंप्यूटर के 2% से अधिक सिस्टम में लिनक्स का इस्तेमाल किया जाता है। यहाँ तक कि क्रोमबुक जिसका नाम शायद आपने जरूर सुन होगा। यह भी लिनक्स ओपरेटिंग सिस्टम पर कार्य करता है।

 

Linux Operating Systems का भविष्य

इसमें तो कोई भी सक नहीं है की Linux ही भविस्य का operating system है। ऐसा इसलिए क्यूंकि प्राय सभी latest technologies के foundation में Linux मेह्जुद है।

 

आप कोई भी future technology बिना Linux के imagine ही नहीं कर सकते हैं। Embedded systems एक ऐसी ही उदहारण है जहाँ की Linux का भरपूर इस्तमाल किया गया है।

 

और जहाँ पर Linux को मुख्य रूप से इन applications को create और maintain करने के लिए इस्तमाल किया जाता है।

 

सभी बड़े organizations अब Linux का इस्तमाल सबसे ज्यादा कर रहे हैं Operating System के हिसाब से चूँकि इसमें ऐसे बहुत से बेहतरीन features हैं जिससे इनकी demand दिनबदिन बढती ही जा रही है।

 

इसके साथ कई system admin अपने job profile को windows से Linux operating system में change कर रहे हैं।

 

कोई भी नयी technologies जैसे की cloud computing, virtualization, VMware, database administration को सिखने के लिए आप Linux के विषय में जानकारी होना बहत जरुरी है।

 

इसलिए मुझे ऐसा प्रतीत होता है की Linux Operating System का भविष्य आने वाले समय में बहुत उज्जवल है।

Linux कैसे काम करता है ?

Linux में एक kernel होता है जो कि एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को हार्डवेयर access करने की अनुमति प्रदान करता है।
Kernel का हार्डवेयर पर पूरा अधिकार रहता है। जब किसी सॉफ्टवेयर को किसी हार्डवेयर की आवश्यकता पड़ती है।
तो वो Operating system जे पास अपना Request भेजता है। तथा Oprating System kernel की मदद से उस एप्पलीकेशन को हार्डवेयर प्रदान करता है।
Linux kernel बहुत सारे डिस्टिब्यूशन बने हैं। इन्ही डिस्टिब्यूशन को अपने सिस्टम में Install किया जाता है।
Linux कैसे काम करता है ?

Distribution क्या है?

Linux operating system के बहुत सारे अलग अलग version हैं जो की सभी type के users के लिए उपयुक्त है।  यहाँ आप नए Users से लेकर Hard core users तक सभी के लिए अलग अलग version मेह्जुद हैं।
इन्ही versions को distributions कहा जाता है।  सभी Linux distribution को आसानी से free में download किया जा सकता है और भी उसे कोई disk में burn कर बाद में install भी किया जा सकता है।
यहाँ पर आप सबसे popular Linux distributions देख सकते हैं :-
  1. Ubuntu Linux
  2. Linux Mint
  3. Arch Linux
  4. Deepin
  5. Fedora
  6. Debian
  7. openSUSE.
ये सारे Distribution अलग अलग features के साथ मेह्जुद हैं और आपको भी आपके जरुरत के अनुसार ही इनका चुनाव करना चाहिए।

ज्यादा Resources के लिए

यदि आप Linux के विषय में और भी ज्यादा जानना चाहते हैं तब मैंने यहाँ निचे ऐसे Website के link प्रदान किये हैं जो की आपको इस बेहतरीन Os के विषय में और अधिक जानकारी प्रदान करेंगी।
जरुर इन links को check करें जहाँ आप Linux के विषय में ज्यादा जान पाएंगे :-
Linux.com :- यहाँ पर आप Linux के विषय में सभी जानकारी प्राप्त कर सक्त हैं. (news, how-tos, answers, forums, and more )
Linux.org :- यहाँ पर आप Linux kernel के विषय में सभी जानकारी प्राप्त कर सक्त हैं. (इसके साथ beginner, intermediate, और adavanced tutorials भी)
Howtoforge :- यहाँ पर Linux tutorials.
Linux Knowledge Base and Tutorial :- यहाँ पर बहुत सारे tutorials.

क्या Linux Operating System पूरी तरह से Virus /Malware मुक्त होता है?

इसका जवाब है नहीं दुनिया में ऐसा कोई भी OS नहीं है जो की 100% immune होता है Viruses और Malware से।
लेकिन Linux में अभी तक कभी कोई widespread malware-infection नहीं हुआ है, यदि हम इसकी तुलना Windows से करें तब।
ये बात भी सही है की Linux Os को इस्तमाल करने वाले users बहुत ही कम हैं, यदि हम इसकी तुलना Microsoft Users से करें तब।
वैसे तो Malware या virus का मुख्य उद्देश्य होता है mass destruction ऐसे में कोई भी programmer अपना कीमती वक़्त।
इस काम में कभी भी व्यर्थ नहीं करेगा, चूँकि में users बहुत ही कम हैं।  इसी कारणवस Linux में ज्यादा Virus नहीं होते हैं।
Linux architecturally बहुत ही strong होता है और इसलिए ये बहुत ही ज्यादा immune होता है security threats को लेकर याद रखें की Linux Kernel होता है और GNU/Linux एक OS होता है।
Technically बात करें तो आप एक Linux System को बिना root password के setting up नहीं कर सकते हैं और बिना user password के।
इसका मतलब है की Linux के प्रत्येक user के पास एक password होता है केवल ‘Guest‘ को छोड़कर वहीँ Windows में एक user कोई profile बिना password के भी बना सकते हैं।
इन्ही सभी खूबियों के होने से Linux Operating System में Virus और Malware का डर बहुत ही कम होता है।

 

Linux System के Components

देखा जाये तो Linux Operating System के मुख्य रूप से तीन components होते हैं :-

 

1. Kernel :- ये Kernel Linux का core part होता है। ये operating system में हो रहे सारे major activities के लिए responsible होता है। इसमें दुसरे modules मेह्जुद होते हैं और ये underlying hardware के साथ directly interact करती हैं। Kernel low-level hardware details की जानकारी को system or application programs तक पहुचने से रोकता है या यूँ कहे की abstraction के तरह behave करता है।

 

2. System Library :- System libraries उन special functions या programs को कहा जाता है जिन्हें इस्तमाल कर application programs या system utility Kernel के features को access करती हैं। ये libraries operating system के प्राय सभी functionalities को implement करती हैं और उन्हें ऐसा करने के लिए kernel module’s code access rights की भी जरुरत नहीं पड़ती है।

 

3. System Utility :- System Utility उन programs को कहते हैं जो की दुसरे specialized, और individual level tasks करने के लिए उत्तरदायी होते हैं।

Linux ऑपरेटिंग सिस्टम की विशेषताएँ

  1. सबसे महत्वपूर्ण बात यह जानना है कि Linux ऑपरेटिंग सिस्टम लगभग सभी विंडॉज की तुलना में यह वायरस से मुक्त होता है। स्पाइवेयर, ट्रॉजन, एडवेयर आदि वायरस अटैक लिनक्स ऑएस में समान्यतः नहीं होते. जिस वजह से इसे सबसे अधिक सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टम माना जाता है।
  2. विंडॉज ऑपरेटिंग सिस्टम के मुक़ाबले Linux मुफ्त तथा काफी सस्ते होते हैं। Linux के Variants तथा वर्जन कई महीनों, सालों तक ‘रीबूट’ किये बिना चल सकते हैं।
  3. लिनक्स ओएस में अधिकतर गेम्स फ्री या ओपन सोर्स होते हैं। ओपन ऑफिस, स्टार ऑफिस जैसे प्रोग्राम लिनक्स ओएस में फ्री होते हैं।
  4. चूँकि अधिकतर Linux प्रोग्राम तथा वैरिएंट्स ओपन सोर्स होते हैं जिस वजह से यूज़र आवश्यकतानुसार कोडिंग कर सकता है।
  5. लिनक्स ओएस का इस्तेमाल घरों, विद्यालयों तथा विभिन्न कंपनियों में होता है। क्योंकि हमेशा से ही Linux को सबसे सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टम माना गया है।
  6. लिनक्स ओएस को खरीदने के लिए किसी भी तरह की लाइसेंस की की आवश्यकता नहीं होती। तथा विंडॉज की तरह ही सभी एप्लीकेशन का इस्तेमाल Linux में आसानी से किया जा सकता है।
  7. लिनक्स काफी सशक्त होता है अर्थात इसके क्रैश होने की सम्भावनाएं निम्न होती हैं तथा क्रैश होने की स्थति में भी सिस्टम पूरी तरह डाउन नहीं होता। साथ ही यूजर को मैलवेयर से भी सुरक्षित रखता है।

Application of Linux Operating Systems

  1. Linux movie industry की काफी मदद करती है एक render farm बनकर जहाँ की लाखों machines पर हमेशा movies चलती रहती हैं।
  2. TV system में भी Linux का इस्तमाल menu system के लिए होता है।
  3. सभी Android mobiles Linux platform पर run करती हैं।
  4. यहाँ तक की आप अपने घर को भी Automate कर सकते हैं।
  5. सभी Internet connection router Linux पर run करते हैं।
  6. छोटे disk storage system manufacturer भी Linux पर run करते हैं।
  7. Web App और Website Hosting भी।
  8. सभी internet servers, databases, websites को Linux operating system के द्वारा ही चलाया और maintain किया जाता है।
  9. सभी Stock exchanges भी Linux के Platforms पर ही चलते हैं।
  10. आप एक Old और Slow PC को भी fast चला सकते हैं।
  11. सभी ATM में भी payment process करने के लिए Linux Os का इस्तमाल होता है।
  12. कोई भी Video Game Machine बनाने और dedicated Media Center के लिए इसका इस्तमाल होता है।

Linux Operating System के उपयोग

01.Smart devices

जैसा कि आप अपनी दिनचर्या से गुजरते हैं, लगभग हर कोई आपके पास आता है, उनके हाथ में किसी प्रकार का स्मार्ट उपकरण होता है।
यह आपको आश्चर्यचकित कर सकता है कि इन उपकरणों के बारे में ऐसा क्या खास है, जो बदले में हमारे सवाल का जवाब देगा कि लिनक्स का उपयोग किस लिए किया जाता है?
इन उपकरणों की विशेषताएं और डिज़ाइन विनिर्देश उन लोगों के लिए मुश्किल बनाते हैं जिनके पास समझने के लिए आवश्यक तकनीकी ज्ञान की कमी है। सौभाग्य से, इस लेख का उद्देश्य संभव सबसे सरल तरीके से अंतराल को भरना है।
सभी को एक या दूसरे तरीके से संवाद करने की आवश्यकता है। चाहे वह परिवार और दोस्तों की जाँच करना हो, रिपोर्ट देना हो या किसी मीटिंग का समय निर्धारित करना हो, हम ऐसे उपकरण चाहते हैं जो प्रभावी संचार की गारंटी दें।
लिनक्स वितरण आवश्यक उपकरणों की क्षमताओं को बढ़ाकर असंख्य विकल्पों को प्रस्तुत करता है। चाहे वह स्मार्टफोन हो या टैबलेट, लिनक्स ने व्यापक सॉफ्टवेयर स्कोप की सुविधा दी है और मल्टीमीडिया कार्यक्षमता को बढ़ाया है। नतीजतन, आपकी उंगलियों पर अनगिनत अनुप्रयोगों तक पहुंच है।

02.Gaming

गेमिंग के प्रति उत्साही गेमिंग बाजार में निरंतर सुधार की सराहना करते हैं। हालाँकि कुछ लोग परिवर्तनों को नहीं समझ सकते हैं, यह लिनक्स के लिए उपयोग की जाने वाली एक उत्कृष्ट प्रतिक्रिया है।
उच्च रैंक वाले कुछ खेलों के लिए OS को लिनक्स का उपयोग करके बनाया गया है ताकि समर्थन सेवाओं में सुधार और गेमिंग उपकरणों का प्रदर्शन हो सके।

03.Servers और Mainframes

संक्षेप में, सर्वर और मेनफ्रेम हमारे शुरुआती प्रश्न के लिए सबसे व्यापक समाधान प्रदान करेगा कि लिनक्स किसके लिए उपयोग किया जाता है।
हालाँकि, सर्वर की जटिलता नेटवर्किंग में कुछ बुनियादी जानकारी रखने वाले लोगों के लिए इसकी समझ को सीमित कर सकती है। फिर भी, यह लेख चित्रण को सरल और आसानी से समझने योग्य बनाने का प्रयास करेगा।
हर कंपनी को दुर्भावनापूर्ण इरादों के साथ अपनी जानकारी को तीसरे पक्ष से सुरक्षित रखने की दैनिक आवश्यकता होती है।
इस प्रकार, उन सर्वरों का उपयोग करने की आवश्यकता है जो अधिकतम सूचना सुरक्षा की गारंटी देते हैं। लिनक्स सिस्टम बाहरी हमलों के लिए कम से कम भेद्यता प्रदर्शित करता है और विश्वसनीय डेटा सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन की अनुमति देता है जो हैकिंग प्रयासों के लिए कंपनी की प्रतिरक्षा को बढ़ाते हैं।

04.Telecommunication

प्रत्येक नेटवर्क को पता चलता है कि आज प्रासंगिक और प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए उसे प्रौद्योगिकी के साथ विकसित होना है।
दूरसंचार उद्योग में एम्बेडेड डिवाइस लिनक्स के लिए उपयोग किए जाने वाले प्रश्न के लिए एक उत्कृष्ट प्रतिक्रिया प्रदान करते हैं।
लिनक्स को कितनी आसानी से अनुकूलित किया जा सकता है, इसके कारण नेटवर्क द्वारा उपयोग किए जाने वाले अधिकांश हार्डवेयर लिनक्स के साथ स्थापित होते हैं।
लिनक्स प्लेटफॉर्म सब्सक्राइबरों द्वारा नेटवर्क ट्रांसमिशन के उपयोग और वितरण में सुधार करता है। फायरवॉल में लिनक्स स्थापित करके, एक नेटवर्क अज्ञात सिस्टम से इसकी जानकारी को ढाल देता है।

05.Security

अनिवार्य रूप से, शब्द सुरक्षा और सुरक्षा एक आदर्श उदाहरण है जो लिनक्स के लिए उपयोग किया जाता है के सवाल का जवाब देने के लिए।
फिर भी, सुरक्षा पृष्ठभूमि के बिना रक्षा गोदी की संवेदनशीलता को पूरी तरह से समझना मुश्किल है। इसके बावजूद, लेख लिनक्स के लिए किसके लिए उपयोग किया जाता है के लिए एक सरलीकृत स्पष्टीकरण प्रदान करता है।
रक्षा विभाग का उद्देश्य अपने राज्य और उसके नागरिकों की अखंडता की रक्षा और सुरक्षा करना है। निगरानी उपकरणों को नियोजित करने की आवश्यकता है जो अधिकतम सुरक्षा पर केंद्रित है।
लिनक्स के साथ स्थापित उपकरण, जैसे डिजिटल फोरेंसिक, पहचान स्क्रीनिंग, गोपनीयता, और एथिकल हैकिंग, सुरक्षा की गारंटी और खतरे की समय पर पहचान।

Less command

Less command
अगर आप Linux पहली बार इस्तमाल करने वाले हैं और आपको Linux के बारे में पता भी नहीं है तब आपको basic common Linux commands के विषय में जरुर पता होना चाहिए।
यहाँ पर में आप लोगों को लिनक्स कमांड की list देने जा रहा हूँ जो की आपको आगे बहुत काम आने वाली हैं।
ध्यान दें की मैंने यहाँ केवल command की list ही प्रदान की है न की उनके syntax, syntax के विषय में आप दुसरे जगह से सिख सकते हैं जो की बहुत है आसान है।
1. ls :- ये current directory content को list कर देगी।
2. cd :- इससे आप अपने current Directory को change कर सकते हैं।
3. cat :- इससे आप file content को screen पर display कर सकते हैं, इसके साथ text files को copy और combine भी कर सकते हैं।
4. history :- इससे आप सारे executed commands list को screen में देख सकते हैं।
5. chmod :- इससे आप file permission को बदल सकते हैं।
6. chown :- इससे आप file owner बदल सकते हैं।
7. clear :- इससे आप clear screen कर सकते हैं fresh start के लिए।
8. df :- इससे आप used और available disk space देख सकते हैं।
9. date :- इससे आप current system date और time को display कर सकते हैं।
10. du :- इससे आप ये जान सकते हैं की कोन सी file कितनी जगह ली हुई है।
11. file :- इससे आप file में मेह्जुद type of data को recognize कर सकते हैं।
12. find:- इससे आप file में कोई भी term search कर सकते हैं।
13. man :- इससे आप specific command के लिए help display कर सकते हैं।
14. cp :- इससे आप files और folders copy कर सकते हैं।
15. mv :- इससे आप files और Directory को rename और move कर सकते हैं।
16. mkdir :- इससे आप नया directory create कर सकते हैं।
17. lpr :- इससे आप कोई भी file content print कर सकते हैं।
18. less :- इससे आप file content को page by page देख सकते हैं।
19. tar :- इससे आप कोई भी file को compress, create और extract tar file कर सकते हैं।
20. grep :- इससे आप एक file में एक string को search कर सकते हैं।
21. ssh :- इससे आप remote machine के साथ connect और login (encrypted & secure) कर सकते हैं।
22. su :- इससे आप अलग user में switch कर सकते हैं।
23. rmdir :- इससे आप empty directory remove कर सकते हैं।
24. rm :- इससे आप files and directories (empty or non-empty) remove कर सकते हैं।
25. pwd :- इससे आप current user working directory को display करवा सकते हैं।
26. ps :- इससे आप running process id के साथ और दुसरे information को display करवा सकते हैं।
27. passwd :- इससे आप user password बदल सकते हैं।
28. more :- इससे कोई भी file page by page display कर सकते हैं।
29. kill :- इससे आप कोई भी process को kill कर सकते हैं उनके process id की मदद से।
30. gzip :- इससे आप एक compress file with .gz extension create कर सकते हैं।
31. unzip :- इससे आप कोई file को unzip or uncompress कर सकते हैं।
32. shutdown :- इससे machine को shutdown कर सकते हैं।
33. free :- can be used to dhow.
34. top :- इससे आप top process को show कर सकते हैं CPU usage के अनुसार।
35. who :- इससे आप current user के information को display कर सकते हैं जो की logged in हो।
36. whereis :- इससे आप किसी भी command की location को प्राप्त कर सकते हैं (की वो कहाँ पर stored हैं)।
37. whatis :- इससे आप कोई भी command information एक single line में दिखा सकते हैं।
38. tail :- इससे आप किसी भी file के last ten lines को print करवा सकते हैं।
39. wget :- इससे किसी भी file को internet से download कर सकते हैं, rename कर सकते हैं और कहीं भी store कर सकते हैं।

Windows तथा Linux ओपरेटिंग सिस्टम में क्या अंतर है?

  1. Windows में C, D, E ड्राइव जिनमें अनेक फोल्डर होते हैं परंतु दूसरी ओर लिनक्स में कोई ड्राइव नहीं होती।
  2. विंडोज सिस्टम में हम किसी फोल्डर में एक नाम से दो फ़ाइल को स्टोर नहीं कर सकते बल्कि Linux ऑपरेटिंग सिस्टम में 2 फाइल को एक फोल्डर में सेव किया जा सकता है।
  3. Windows ऑपरेटिंग सिस्टम में Guest, Standard, Administrator समेत कुल तीन एकाउंट होते हैं जबकि दूसरी तरफ रेगुलर, रुट तथा सर्विस एकाउंट Linux सिस्टम के एकाउंट टाइप है।
  4. Linux सिस्टम में ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर कार्य करते हैं, जबकि विंडॉज में Closed Source सॉफ्टवेयर कार्य करते हैं।
  5. Windows ऑपरेटिंग सिस्टम सिंगल-यूजर के लिए होता है जबकि Linux सिस्टम मल्टि-यूजर होता है।
  6. Linux ऑपरेटिंग सिस्टम को Windows की तुलना में अधिक सुरक्षित OS माना जाता हैं क्योंकि इनमें वायरस हमले के अवसर निम्न होते हैं।
  7. हालाँकि विंडॉज सिस्टम के सरलतम उपयोग तथा अधिक फ़ीचर्स के कारण अधिकतर यूज़र्स विंडॉज ओपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं।

लिनक्स के फायदे

यहाँ पर में आप लोगों को Linux Operating System के कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण features के विषय में बताने वाला हूँ:-
1.  Portable :- Portability का मतलब है की यह software सभी तरह के hardware में सामान ढंग से चल सकता है। Linux kernel और application programs प्राय सभी Hardware platform support करते हैं।
2.  Open Source :- Linux source code freely available है और ये एक community-based development project है। Multiple teams collaboration करके काम करते हैं जिससे Linux operating system की capacity को enhance किया जा सके और इसलिए ये हमेशा evolve हो रहा है।
3.  Multi-User :- Linux एक multiuser system है जिसका मतलब है की multiple users एक ही समय में इसके सभी system resources जैसे की memory/ ram/ application programs को इस्तमाल कर सकें।
4.  Multiprogramming :- Linux एक multiprogramming system है जिसका मतलब यह है की multiple applications एक साथ में run हो सकते हैं वो भी एक ही समय में।
5.  Hierarchical File System :- Linux एक standard file structure प्रदान करती है जिससे system files/ user files को आसानी से arranged किया जा सके।
6.  Shell :- Linux एक special interpreter program भी प्रदान करता है जिका इस्तमाल operating system के commands को execute करना होता है।
इसके साथ इसका इस्तमाल दुसरे अलग अलग operations, call application programs को करने के लिए भी किया जाता है।
7.  Security :- Linux बहुत ही अच्छे security feature भी प्रदान करता है users को जैसे की password protection/ controlled access कुछ specific files/ यहाँ तक की data encryption इत्यादि।

लिनक्स के नकारात्मक प्रभाव

  1. हालांकि लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम ओपन सोर्स होने के कारण यूजर अपने अनुसार कस्टमाइज कर सकता है। परंतु आज भी नॉन टेक्निकल व्यक्ति के लिए लिनक्स का इस्तेमाल करना विंडोज से कहीं ज्यादा कठिन होता है।
  2. लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में काफी बड़ी मात्रा में सॉफ्टवेयर प्रोग्राम पाए जाते हैं परंतु विंडोज की तुलना में प्रोग्राम इंस्टॉलेशन करना कठिन होता है।
  3. यहां आप को समझना होगा कि विंडोज की तुलना में लिनेक्स ने मार्केट में कम लोकप्रियता हासिल की जिस वजह से आपको मन मुताबिक प्रोग्राम आमतौर पर देखने को नहीं मिलते। आमतौर पर देखा गया है कि लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में प्रिंटर तथा ब्लू रे डिस्क को कनेक्ट करना आसान नहीं रहता।
  4. लिनक्स विंडोज तथा मेक ऑपरेटिंग सिस्टम की तरह इस्तेमाल करना आसान नहीं रहता क्योंकि इसमें टेक्निकल ज्ञान की आवश्यकता होती है खासकर बिगनर्स को लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते समय परेशानी होती है। अतः आपको लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने से पूर्व कहीं चीजें का ज्ञान होना जरूरी होता है।
  5. लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में कई तरह के प्रोग्राम्स कार्य नहीं करते तथा लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में निम्न मात्रा में कंप्यूटर हार्डवेयर सपोर्ट करते हैं साथ ही सभी ड्राइवर लिनक्स ओएस को सपोर्ट नहीं करते।

 

Conclusion

मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को लिनक्स क्या है के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को Linux क्या है के बारे में समझ आ गया होगा। मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा। मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ।
मेरा हमेशा से यही कोशिश रहा है की मैं हमेशा अपने readers या पाठकों का हर तरफ से हेल्प करूँ, यदि आप लोगों को किसी भी तरह की कोई भी doubt है तो आप मुझे बेझिजक पूछ सकते हैं। मैं जरुर उन Doubts का हल निकलने की कोशिश करूँगा। आपको यह लेख लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है (Linux Operating System in Hindi) कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले। मेरे पोस्ट के प्रति अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, instagram, pinterest और Twitter इत्यादि पर share कीजिये।

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