Email क्या है और ईमेल कैसे भेजते हैं ? What is Email and How send Email

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अभी लगभग हर किसी को मालूम होता है की ईमेल क्या है (What is Email and How send Email).  हर रोज हर दिन अपने काम के लिए E-mail का इस्तेमाल करते ही हैं।

जो भी Computer में काम करते हैं भले ही वो किसी Job में हो या फिर personal काम हो उसमे E-mail जरूर प्रयोग करते हैं। E-mail की जरुरत हर उस इंसान को पड़ती है जो Android smartphone का इस्तेमाल करते हैं।

क्यों की बिना ईमेल के Android smartphone का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। E-mail का सबसे अधिक इस्तेमाल Official और Personal messages भेजने के लिए किया जाता है।

Email System in Hindi
Email System in Hindi

जो लोग E-mail का इस्तेमाल करते हैं वो दिन भर अपना Inbox चेक करते हैं की कहीं कोई messages तो नहीं आया।

इसके अलावा जिन लोगो को Jobs के लिए अप्लाई (apply) करना होता है वो भी अपना resume भेजने के लिए E-mail का ही इस्तेमाल करते हैं। जिस तरह Mobile number के द्वारा हम किसी को कभी भी Phone में बात कर सकते हैं।

उसी तरह E-mail के द्वारा भी हम लोगो को message भेजकर contact कर सकते हैं। Mobile number से बात करने में पैसे लगते हैं लेकिन ईमेल चाहे आप किसी भी देश में भेजे आपको पैसे चुकाने नहीं पड़ते ये बिलकुल फ्री होता है।

एक तरह से समझ लीजिये ईमेल का सबसे अधिक उपयोग Professional तोर पर किया जाता है। जब कभी आप किसी कंपनी में Job करते हैं तो कंपनी अपने नाम के Domain के साथ आपको E-mail ID बनाकर देती है।

अब आप को कुछ तो आईडिया (Idea) मिल ही गया होगा की ईमेल का मतलब क्या होता है. अगर अभी भी नहीं समझे हैं तो कोई बात नहीं अब हम विस्तार से पूरी जानकारी  जानेंगे की E-mail क्या होता है।

 

 हिस्ट्री ऑफ़ Email 

हिस्ट्री ऑफ़ Email

लेकिन सन 1971 में America मूल के कंप्यूटर प्रोग्रामर रे टॉमलिंसन ने एक ऐसी technology का आविष्‍कार किया।

जिससे एक संदेश इंटरनेट नेटवर्क से जुडे दो Computers पर भेजा जा सकता था इसीलिए उन्‍हें E-mail का जन्‍मदाता भी कहा जाता है Ray Tomlinson ने एक Test e-mail message के तौर पर एक E-mail को खुद को ही भेजा था।

जिसमें उन्‍होंने कुछ Text लिखे थे, जो थे “QWERTYUIOP” थे ये को‍ई खास शब्‍द नहीं थे बल्‍कि की-बोर्ड के  ऊपर वाली लाइन के सभी कीज (Keys) को प्रेस किया गया था।

मेल भेजनेे के लिये Arpanet नेटवर्क का यूज (Use) किया गया था इस अविष्‍कार ने technology दुनिया में एक प्रकार की क्रान्ति ला दी Electronic माध्‍यम से जो संदेश या कहें तो Mail भेजा गया उसे कहा गया।

E-mail यानी इलेक्ट्रॉनिक मेल (Electronice Mail) तो इस तरह जन्‍म हुआ e-mail का अगर आपका कंप्युटर एक इंटरनेट से कनेक्ट है तो आप दुनियाभर में कहीं भी सेकंड में अपने message को Elecronice mail के माध्‍यम से भेज सकते हैं।

जैसे जैसे e-mail से सूचना भेजने के फायदों के बारे में पता चलता गया तो ई-मेल बहुत ज्‍यादा popular  हो गया, इस आविष्‍कार के लिए Ray Tomlinson को वर्ष 2012 में Internet Hall Of Fame के Award से सम्‍मानित किया गया यह अवार्ड इंटरनेट सोसायटी (Internet Society) द्वारा दिया जाने वाला लाइफ टाइम अचिवमेंट अवॉर्ड  (Life Time Achivment Award) है।

E-mail का आविष्कार किसने किया ?

ईमेल की खोज तो हो चुकी है लेकिन जिस तरीके से आप आप ईमेल करते हैं उसे  व्‍यवि‍स्थित करते हैं वह नहीं हुआ था इस महत्‍वपूर्ण आविष्‍कार का श्रेय भी भारत को जाता है।

वर्तमान में email भेजने के लिए जिस Computer Program को प्रयोग करते हैं जिसमें आने वाली email को प्राप्‍त करने के लिए Inbox, भेजी गई email को व्‍यवस्थित करने के लिए Outbox तथा email के साथ अगर कोई Document भेजना हो।

तो उसके लिए Attechment का भी Option था और यह Program बनाया था वीए शिवा अय्यदुरई (VA Shiva Ayyadurai) ने जो भारतीय मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक थे।

Email का परिचय 

Email का परिचय

Email Electronic devices द्वारा किसी Network (इंटरनेट) के जरिए संदेश भेजने-प्राप्त करने का एक साधन है। Email का मतलब इलेक्ट्रॉनिक मेल होता है।

Offices, अदालतों, schools, कॉलेजों आदि जगहों पर ई-मेल को सूचना भेजने तथा प्राप्त करने का Official तरीका बना लिया गया है।

यह कागज पर लिखी गई letter के समान ही होता है। बस कागज के पत्र और ई-मेल में इतना ही अंतर होता है कि एक कागज के पत्र को कागज पर लिखा जाता है, और ई-मेल को हमे कंप्युटर पर लिखना पडता है।

ईमेल भी एक साधारण पत्र की तरह ही एक पत्र होता है। आप एक Simple letter की कल्पना करीए और पता करिए हम उसे लिखते समय क्या-क्या काम करते है?

हम साधारण पत्र लिखते समय उसमें प्राप्त करने वाले का नाम, पता, संदेश और नीचे भेजने वाले का नाम लिखते है।

फिर उसे भेजने के लिए नदजीक के पोस्ट ऑफिस में जाकर उसे पोस्ट बॉक्स में डाल देते है। और पत्र प्राप्त करने वाले के पास कुछ दिनों में चला जाता है।

बिल्कुल इसी तरह ही email  में भी प्राप्त करने वाले का नाम (Receiver), पता (Address), संदेश (Message) को लिखना पडता है।

ईमेल में भेजने वाले का नाम अलग से नही लिखना पडता है। इसमें भेजने वाले का नाम ऑटोमैटिक संदेश पाने वाले के पास चला जाता है।

और इसके बाद सेन्ड पर click करना पडता है। और ईमेल कुछ ही सेकण्डों में भेजने वाले के पास पहुँच जाता है।

इसकी गती साधारण पत्र से ईमेल को अलग बनाती है। इसके अलावा भी बहुत ऐसे कारण है, जो एक ईमेल को एक साधारण पत्र से उपयोगी बनाती है।

आप internet के द्वारा मिनटों में अपने संदेश को भेज तथा प्राप्त कर सकते है। यह सुविधा अधिकतर ईमेल सर्विस प्रोविडर्स द्वारा मुफ्त दी जाती है।

आपको सिर्फ internet और एक internet चलाने वाले डिवाइस जैसे कंप्युटर, मोबाईल फोन, लैपटॉप आदि की आवश्यकत पडती है।

दुनियाभर में लोग एक-दूसरे को मेल सेन्ड तथा रीसीव करते है. आप अपने Friend, Family, Coworker, Boss आदि को ई-मेल सेन्ड कर सकते है।

इसके लिए बस आपको एक ई-मेल ID, इंटरनेट और एक ई-मेल प्रोग्राम की जरूरत होती है। जिस व्यक्ति के पास Email ID है, उसे कोई भी व्यक्ति जिसके पास भी ई-मेल ID है, mail सेन्ड तथा रीसीव कर सकता है।

अब, आपके मन में भी यही प्रशन चल रहा होगा कि आखिर यह ई-मेल ID क्या है? ई-मेल ID कैसे बनाते है? ईमेल आई डी की जरूरत ई-मेल भेजने और प्राप्त करने के लिए क्यों होती है?

आपको ज्यादा सोचने की जरूरत नही है. क्योंकि थोडी ही देर में आप ई-मेल ID से परिचित हो जाएंगे. और जान पाएंगे कि एक ई-मेल ID क्या होती है? E-mail ID की जरूरत क्यों पडती है?

 

Email Address की संरचना  

एक ई-मेल ID दो भागों से मिलकर बनी होती है पहला यूजर नेम तथा दूसरा डोमेन नेम इन दोनों हिस्‍सों को @ के चिन्‍ह द्वारा बांटा जाता है।

असल में एट चिह्न (@) की full Form है ऍट द रेट, जिसका प्रयोग गणित में किसी की दर निर्धारित करने के लिये किया जाता है।

लेकिन E-mail में इसका प्रयोग किसी की दर निर्धारित करने के लिये नहीं बल्कि ई-मेल सर्विस प्रवाइडर के नाम या social networking site के नाम को दर्शाने के लिये किया जाता है।

इससे यह पता चलता है कि आपका एकाउन्‍ट किस site पर है, या सीधे शब्‍दों में यह कहा जाता है कि आप “पर स्थित” हैं और इस एट चिह्न (@) का भी अविष्‍कार Ray tomlinson ने किया था और वही E-mail कारण हुआ इतने विशाल internet नेटवर्क का।

आपको बता दें कि कोई भी E-mail आईडी दो हिस्‍सों में होती है। एक हिस्‍सा जो @ के पहले होता है। इसमें आपका नाम या वह अक्षर (Letters) या अंक (numbers) आते हैं जिन्‍हें आप चुनते हैं और दूसरा हिस्‍सा वह होता है जो चिह्न @ के बाद आता है इसमें ईमेल सर्विस प्रवाइडर के Domain का नाम लिखा जाता है।

E-mail क्या है ?

E-mail क्या है ?

E-mail का full form Electronic mail होता है। जिस तरह हम पोस्ट के माध्यम से चिट्ठी भेजा करते हैं उसी तरह E-mail भी चिट्ठी भेजने का आधुनिक रूप है।

इसका इस्तेमाल लगभग हर जगह होता है चाहे वो घर, दफ्तर स्कूल, कॉलेज, कोर्ट, इंडस्ट्री, बैंक या कोई भी सरकारी या प्राइवेट कार्यालय हो।

E-mail एक तरह से digital चिट्ठी होती है जिसे हम अपने दोस्तों, रिश्तेदारों या फिर official काम के लिए भेजते हैं।

इस माध्यम का इस्तेमाल कर के हम text, images, files और बहुत तरह के documents भी भेज सकते हैं। इस का एक फायदा ये भी है की इससे हम एक बार में बहुत सारे ईमेल address में मैसेज भेज सकते हैं।

दोस्तों आज से कुछ साल पहले की बात करें जब मोबाइल और कंप्यूटर इतना इस्तेमाल नहीं होता था। उस वक़्त लोग एक दूसरे से बात करने के लिए चिट्ठी का इस्तेमाल करते थे।

चिट्ठी भेजने के लिए पेपर में पेन से मैसेज लिख कर उस में पता लिख दिया जाता था। उसके बाद उसे पोस्ट ऑफिस जाकर stamp लगा कर पोस्ट कर दिया जाता था।

कुछ दिन लगते थे फिर वो अपने भेजे गए पते पर पहुँच जाता था लेकिन इसी की जगह अब Email ले चूका है लेकिन इसमें Pen और Paper की जगह Computer और Mobile ने ले लिया है। हम अपने कीबोर्ड का इस्तेमाल कर के मैसेज टाइप करते हैं।

और लम्बा चौड़ा पता लिखने की जगह बस एक Email address डालना होता है बस एक क्लिक करने की देर होती है और हमारा ईमेल अपने पते पर पहुँच जाता है।

यही इस की सबसे ख़ास बात है की सामान्य चिट्ठी पहुँचने में कई दिन लग जाते लेकिन email जाने में बस कुछ seconds लगते हैं।

Email भेजने के लिए email client का इस्तेमाल करते हैं। जिसमे पहले का भाग हम अपनी मर्ज़ी से लेते हैं और उसके just बाद में @ (at the rate) लगाया जाता है।

उसके बाद email service provider company का domain name होता है। उदाहरण के लिए आप यहाँ देख सकते हैं।

[email protected]

दोस्तों अब तो आप समझ ही गए होंगे की email क्या है लेकिन इसकी सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए email address जरुरी होता है।

बिना इस के हम e-mail नहीं भेज सकते क्यों की हमे मालूम ही नहीं रहेगा की मैसेज भेजना कहाँ है। जिस तरह चिट्ठी भेजने के लिए एक पते की जरुरत पड़ती है।

और फ़ोन में बात करने के लिए मोबाइल नंबर जरुरी है ठीक उसी तरह ईमेल भेजने के लिए address की जरुरत पड़ती है जिसे email id बोलते हैं। ईमेल ID क्या है चलिए इसे भी समझ लेते हैं।

ईमेल ID क्या है?

दोस्तों हर इंसान का नाम अलग होता है. नाम की वजह से सबकी अलग पहचान बनती है। जब एक इंसान को दूसरे इंसान से संपर्क करना होता है उस इंसान का नाम और उसका पता चाहिए होता है।

जिससे की हम अपना message लिख के जब भेजते हैं तो सटीक उसी आदमी को मिलता है। बस इसी तरह हु ब हु इंटरनेट की दुनिया में भी मैसेज भेजने और रिसीव करने के लिए email id का उपयोग होता है।

Email Id बनाने के लिए हम किसी भी ईमेल service provider company का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन में ईमेल id बनाना बिलकुल फ्री होता है इसके लिए कोई चार्ज नहीं देना पड़ता है।

इन में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली कंपनियां Google की  Gmail, Yahoo, Hotmail, Rediffmail हैं। जब हम email id बनाते हैं तो इसमें हमारा नाम और इसको बनाने वाले company का address domain name के रूप में बिलकुल हमारे नाम और पते की तरह होता है. [email protected]

 E-mail की Basic जानकारी

E-mail की Basic जानकारी


यहाँ हम ईमेल के कुछ बेसिक function के बारे में बात करेंगे :-

Compose a mail :- जब भी हमे मैसेज भेजना होता है तो सबसे पहले हम लॉगिन करते हैं और पहला काम हमारा होता है मैसेज लिखना इसके लिए हम Compose में जाते हैं। इसके बाद वहां हम आपने सारा मैसेज टाइप कर के लिखते हैं।

 

Sending mail :- एकबार जब हमारा लिखना ख़तम कर लेते हैं तो फिर हम Recepients में अगले का address डालते हैं और उसे send कर देते हैं। इस तरह उस व्यक्ति तक हमारा ईमेल चला जाता है।

 

Email Transport :- मैसेज को sender से receiver तक भेजने के लिए servers का इस्तेमाल किया जाता है जिसे mail servers बोलते हैं। Email भेजने के लिए SMTP protocol का इस्तेमाल किया जाता है। और  POP,IMAP को server के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

 

Receiving the mail :- जब भी हमे कोई नया मेल आता है तो हम अपने inbox में जाना होता है और फिर उसे हम खोल के पढ़ सकते हैं। मैसेज के अलावा हमे अपने मेल फाइल्स,डाक्यूमेंट्स और फोटो भी रिसीव कर सकते हैं।


Email से जुड़े रोचक तथ्य

  1. आज के समय में हर रोज़ करीब 205 billion ईमेल भेजे जाते हैं। लेकिन ये अनुमान लगाया गया है की 2019 में यही आंकड़ा 246 billion हो जायेगा।
  2. ऐसा देखा जाता है की लोग जब ईमेल id बनाते हैं तो सबसे common पासवर्ड 123456 या फिर अपना मोबाइल नंबर रखते हैं। इसमें लोगों को कुछ इंटरेस्ट नहीं होता।
  3. क्या आप को पहले से मालूम है आखिर ये शब्द SPAM आया कहाँ से ? तो मैं बता दूँ की इसकी शुरुआत तब हुई थी 1980 के दशक में जब online chatroom में कोई abusive behaviour रखता था उसे इसी नाम से पुकारा जाता था।
  4.  @ sign को Morse कोड में “commat ” बोलै जाता है जिसका पूरा नाम commercial at होता है। 2004 से पहले Morse code में @ के लिए कोई character नहीं होता था। World War 1 के बाद ऑफिशियली Morse code में यही एक बदलाव किया गया।
  5. वो 1991 का साल था जब पहली बार अंतरिक्ष से ईमेल भेजा गया था। STS-Atlantis shuttle विमान के crew members ने Apple कंपनी के Applink’s सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर के मैसेज भेजा था।
  6. Email Marketing Studies के मुताबिक मंगलवार सबसे अच्छा दिन होता है जिस दिन महत्वपूर्ण मेल भेजे जाते हैं।
  7. ऐसा अनुमान लगाया गया है 2019 तक ईमेल users की संख्या 2.9 billion हो जाएगी।

Email कैसे लिखे और भेजे ?

Email कैसे लिखे और भेजे ?

अगर आप किसी ऑफिस में काम करते हैं तो आपको हर दिन ढेर सारे मेल आते होंगे. लेकिन अगर आप इस मामले में नए हैं और अभी अभी नयी ईमेल ID बनायीं है तो आपको अच्छा मेल लिखकर कैसे भेजते हैं।

ये जानना जरुरी है. पढाई के बाद जॉब अप्लाई करने के लिए भी लोगों को resume मेल करना होता इसके लिए एक अच्छा मेल लिखना बहुत जरुरी है ताकि कंपनी वाले मेल पढ़कर attract हों।

एक अच्छा mail आपके कई काम बना सकता है और बुरा मेल काम बिगाड़ सकता है. तो चलिए जानते हैं की एक अच्छा ईमेल कैसे लिखे और साथ ही ये भी जानेंगे की ईमेल कैसे भेजते हैं?

To ( Add Receipeints)

जब हम नया मैसेज लिखने जाते हैं तो पहला बॉक्स हमारा होता है वो होता है To का यानी इसमें हमे ईमेल address डालना होता है जिसे हम मेल भेजना चाहते हैं।

इसके अलावा इसमें CC “Carbon Copy”का भी option होता है जिसका मतलब होता है उन users को भो mail की copy भेजना जिन्हे वो directly मेल नहीं भेजता।

बल्कि main address के अलावा मेल की एक कॉपी इन तक चली जाती है. ये CC cumpolsory नहीं होता बल्कि जरुरत पड़ने पर हम इसका इस्तेमाल करते हैं।

CC address में डाले गए लोगों को ये पता चलता है की उनके अलावा ये मेल और किस किस को भेजा गया है।

उदाहरण  :- अक्सर इस का इस्तेमाल बड़ी कंपनियों और इंडस्ट्रीज में किया जाता है. जब कंपनी के Plant Head को कोई manager मेल करता है तो Plant Head के mail address को To में डालता है CC में  2 -3 लोगों के मेल एड्रेस डाले जाते हैं जैसे General Manager, Assistant General Manager.

इसके बाद इसमें BCC “Blind Carbon Copy” का filed होता है जिसका मतलब होता है वैसे Recepients जिनको हम मेल तो भेजते हैं।

लेकिन जिनसे मेल की information को secret रखा जाता है। यानि BCC वालों को ये नहीं पता चलता की उनके अलावा और ये मेल किस किस को भेजा गया है।

Subject

आपके मेल का विषय क्या है? ये किस भी मेल का एक बहुत जरुरी भाग होता हैक्यों की इसी से पता चल जाता है की मेल किस बारे में है।

आपके Subject में मेल से के विषय के बारे में ऐसा लिखना होता है जिससे मेल पढ़ने वाला एक बार में समझ जाये और मेल खोलकर जरूर पढ़े।

जब जॉब अप्लाई करने के लिए resume भेजते हैं तो Subject बहुत ही अहम हिस्सा होता है क्यूंकि आपके अलावा और भी बहुत सारे लोग हैं जो मेल भेजते हैं।

तो आपको subject ही वो तरीका है जिससे आप कंपनी वाले को impress कर सकते हैं. तो इसमें अपना जॉब प्रोफाइल जरूर डालें।

Message Body 

Subject के बाद बात आती है content की जिसमे हम अपना पूरा मैसेज टाइप कर के लिखते हैं। आप चाहे तो एक signature भी add कर सकते हैं।

जो हमेशा automatic आ जायेगा जब भी आप मेल लिखना शुरू करेंगे। ये बिलकुल अंत में बाएं तरफ होता है।


उदाहरण :-

यहाँ Message Content  लिखने के बाद signature इस तरह का होता है।

Regards,

Tech Academy Pro

techacademy.in

इसके बाद बस अपना मेल verify कर के send कर दें। तो दोस्तों अब आपको समझ में आ ही गया होगा की ईमेल कैसे लिखे और भेजते हैं। आप इसी को follow कर के बेहतर मेल तैयार कर सकते हैं भेज सकते हैं।


ईमेल और जीमेल में क्‍या अंतर है ?

ईमेल और जीमेल में क्‍या अंतर है ?

चलिए अब हम यह तो समझ गये कि Gmail  तथा Email क्‍या होते हैं अब इनके बीच का मुख्‍य अन्‍तर भी समझ लेते हैं :-

  1. Email एक माध्‍यम है इलेक्‍टोनिक माध्‍यम से संदेश भेजने का जिसमें जरूरत होती है एक email Id की और Internet की, Email ID की Fullform होती है Electronic Mail
  2. Gmail गूगल द्वारा बनाई गई वेब मेल सर्विस है जिसपर आप मुफ्त में Email Id बना सकते हैं और साथ ही google की ढेर सारी सर्विसों का लाभ ले सकते हैं gmail की Full form google mail होती है।

संक्षेप में

ये एक ऐसी जरुरत है जिसका इस्तेमाल हम इंटरनेट में लगभग हर जगह करते हैं। आप चाहे किसी भी वेबसाइट में जाएँ, forum में जाएँ हर जगह registration करने के लिए एक mail address की जरुरत होती है।

मैं आशा करता हूँ की आपको ये लेख ईमेल क्या है (What is Email in Hindi) अच्छी लगी होगी। वैसे इसके बिना तो हम आज के स्मार्टफोन्स भी पुरी तरह access नहीं कर सकते हैं। इस तरह ये हमारे लिए बहुत important है ये आप समझ ही गए होंगे।

Email कैसे लिखे और कैसे भेजते हैं ये भी हमने इस पोस्ट के माध्यम से जाना। दोस्तों अब आप खुद ही एक अच्छा मेल लिखकर भेज सकते हैं। आपको अगर ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे जरूर शेयर करें।

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